आगरा। अन्य राज्यों में लगातार हो रही बारिश से यमुना का जलस्तर भी बढ़ गया है। शनिवार को नदी के जलस्तर में एक मीटर की बढ़ोतरी हुई। जलस्तर 149.30 मीटर पर पहुंच गया। यमुना खतरे के निशान 152 मीटर को छूने को बेताब है। जिसे देखते हुए जिला प्रशासन ने 23 गांवों के हजारों लोगों को सतर्क कर दिया गया है। नदी के किनारे से दूर रहने के लिए कहा गया है। डेढ़ दर्जन बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। मुनादी कराई जा रही है।
सप्ताहभर पूर्व यमुना नदी का जलस्तर 144 मीटर था। लगातार हो रही बरसात के चलते जलस्तर में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होती रही। गोकुल बैराज से पूर्व में 15 हजार क्यूसेक और हथिनीकुंड बैराज से 20 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। 72 घंटे के भीतर गोकुल से 20 हजार और हथिनी कुंड से 43 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इससे जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। शनिवार शाम यमुना का जलस्तर 149.30 मीटर पर पहुंच गया। जीवनी मंडी वाटरवर्क्स पर यमुना का लो फ्लड लेवल 152 मीटर है। हथिनीकुंड से तेजी से छोड़ा जा रहा पानी 11 अगस्त को शहर पहुंचेगा। ऐसे में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर सकता है। तहसील सदर के 15 और फतेहाबाद के आठ गांवों के ग्रामीणों को सतर्क कर दिया गया है। नदी के किनारे से दूर रहने के लिए कहा गया है। तहसील प्रशासन द्वारा लगातार मुनादी कराई जा रही है। यमुना नदी का लो फ्लड लेवल 152 मीटर है। अगर नदी का जलस्तर इतने में पहुंच जाएगा तो इसका असर नालों पर भी पड़ेगा। मंटोला, जीवनी मंडी, हाथी घाट, बल्केश्वर, दयालबाग सहित अन्य नालों पर पड़ेगा। लगातार बरसात होने के चलते नालों का पानी ठीक तरीके से नहीं निकल पाएगा। ऐसे में विभिन्न क्षेत्रों में जलभराव की समस्या और भी बढ़ जाएगी।










