आगरा। जूता उद्योग के महाकुंभ के रूप में विख्यात लेदर, फुटवियर कंपोनेंट्स एवं टेक्नोलॉजी फेयर ‘मीट एट आगरा’ के 18वें संस्करण की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है। इस अंतरराष्ट्रीय फेयर में इस बार क्या खास होगा, कितने प्रदर्शक भागीदारी करेंगे और फुटवियर उद्योग के लिए कौन-कौन से नए अवसर सामने आएंगे, ऐसे तमाम सवालों के जवाब सोमवार को बाईपास रोड स्थित होटल लेमन ट्री में आयोजित ‘मीट एट आगरा’ की आधिकारिक घोषणा के मौके पर सामने आए।
आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैंबर (एफमेक) की ओर से सींगना स्थित आगरा ट्रेड सेंटर में आयोजित होने वाला तीन दिवसीय ‘मीट एट आगरा’ 3, 4 एवं 5 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। देश-विदेश के 250 से अधिक प्रदर्शकों की भागीदारी वाले इस आयोजन में फुटवियर निर्माण से जुड़ी आधुनिक मशीनरी, कंपोनेंट्स, सामग्री और नई तकनीक एक ही छत के नीचे देखने को मिलेगी। आयोजन की जानकारी देते हुए एफमेक अध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने कहा कि ‘मीट एट आगरा’ अब 18 वर्ष का हो चुका है और फुटवियर उद्योग के विकास की एक प्रमुख प्रेरक शक्ति बन गया है। वर्ष 2007 में एफमेक के पूर्व अध्यक्ष कैप्टन ए.एस. राणा ने आगरा के फुटवियर उद्योग की आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने की दूरदर्शी सोच के साथ ‘मीट एट आगरा’ की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा कि एफमेक के पूर्व अध्यक्ष एवं वर्तमान में डेवलपमेंट काउंसिल फॉर फुटवियर एंड लेदर इंडस्ट्री के चेयरमैन पूरन डावर ने अपने अध्यक्षीय कार्यकाल में इस आयोजन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। आज एफमेक की पूरी टीम उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इसके 18वें संस्करण को और अधिक व्यापक, उपयोगी एवं प्रभावशाली बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। गोपाल गुप्ता ने कहा कि ‘मीट एट आगरा’ की गूंज अब देश के साथ विदेशों में भी सुनाई देने लगी है। इस बार चीन की आठ कंपनियां फेयर में अपने उत्पाद, मशीनरी एवं तकनीक प्रदर्शित करेंगी। उन्होंने कहा कि आगरा के फुटवियर उद्योग को इस अंतरराष्ट्रीय भागीदारी का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए। स्थानीय उद्यमियों को विदेशी कंपनियों के साथ संयुक्त उपक्रम, तकनीकी सहयोग और व्यावसायिक साझेदारी की संभावनाओं को तलाशने के लिए तैयार रहना चाहिए। इससे न केवल नई तकनीक तक पहुंच आसान होगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार के नए रास्ते भी खुलेंगे। एफमेक अध्यक्ष ने कहा कि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल द्वारा आगरा को फुटवियर कैपिटल के रूप में पहचान दिए जाने और आगरा के लेदर फुटवियर को भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग मिलने से यहां के उद्योग के लिए नए अवसर पैदा हुए हैं। इसका लाभ आने वाले समय में स्थानीय निर्माताओं, निर्यातकों और संपूर्ण फुटवियर उद्योग को मिलेगा। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल इस आयोजन को लेकर उत्साहित हैं और उनकी स्वयं इसमें शामिल होने की इच्छा थी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं शुल्क संबंधी विषयों पर वार्ता के सिलसिले में 30 सितंबर को अमेरिका की प्रस्तावित यात्रा के कारण उनकी उपस्थिति संभव नहीं हो पा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन वार्ताओं के सकारात्मक परिणाम भारतीय उद्योग एवं निर्यात क्षेत्र के लिए लाभकारी सिद्ध होंगे।











