आगरा। आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है। भविष्य में वो देश शक्तिशाली नहीं होंगे, जिनके पास हथियार होंगे, बल्कि वह देश शक्तिशाली होंगे जिनके पास एआई माडल और साइबर कुशल युवा होंगे। यह कहना था केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद का। वह जेपी होटल में आयोजित एआई फ्यूचर रेडी कान्क्लेव में विचार व्यक्त कर रहे थे।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने लोगों से अपील की कि वह चैट जीपीटी के बजाय भारतीय सत्यम जैसे अन्य माध्यम का उपयोग करें, जिससे देश का डाटा सुरक्षित और देश में ही रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2047 में विकसित भारत के विजन को आगे बढ़ाने में एआई महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जितिन प्रसाद ने कहा कि उप्र योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आज देश का ग्रोथ इंजन बना हुआ है। आज फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से दुनियाभर के बाजार व्यापारियों के लिए खुले हैं। उन्होंने कहा कि यूरोपीय देशों के पास भारत की तरह कुशल युवा, जनसंख्या और बाजार नहीं है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि विदेशी कम्पनियां भारत को केवल बाजार के रूप में ना देखा जाए। यहां साझीदार बनें।
केंद्रीय पंचायती राज राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहा कि कान्क्लेव में मिली जेन-जी पीढ़ी की बातें उनके ऊपर से निकल गईं। एक जेन-जी, वो है जिसने प्रधानमंत्री के लिए जंतर-मंतर पर ऐसे शब्द कहे, जिनका पुलिस में रहते हुए भी उन्होंने कभी उपयोग नहीं किया था। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि एआई विकास के लिए जरूरी है। शिक्षा को नई दिशा दे रहा है। आज एआई का उपयोग नहीं किया तो हम पिछड़ जाएंगे। वर्तमान एआई का उपायोग नहीं किया तो सुपर एआई के मामले में पिछड़ जाएंगे। फुटवियर एवं चर्म उत्पाद निर्यात परिषद के चेयरमैन पूरन डावर ने कहा कि आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विकल्प नहीं, जरूरत बन गया है। इससे एक गली में बैठा दुकानदार भी वैश्विक स्तर पर अपना सामान बेच सकता है। भाजपा नेत्री बीना लवानिया ने भी अपने विचार व्यक्त किए।











