आगरा। सैंया क्षेत्र में बर्थडे पार्टी के बहाने लोगों को बुलाकर चंगाई सभा आयोजित करने और कथित तौर पर धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी बीमारी और परेशानियां दूर करने तथा आर्थिक मदद का भरोसा देकर लोगों को सभाओं से जोड़ते थे। जांच में एक्सेल शीट में सभाओं, लोगों की संख्या, लक्ष्य और कथित फंडिंग का रिकॉर्ड मिलने की बात सामने आई है। पुलिस अब राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, पंजाब और उत्तर प्रदेश तक फैले बताए जा रहे संपर्कों की जांच कर रही है।
प्रभारी डीसीपी पश्चिम आदित्य ने बताया सैंया थाना क्षेत्र के गांव जोधापुरा निवासी प्रताप के घर पर महिलाओं समेत एक दर्जन से अधिक लोग एकत्रित हुए थे। इसी सभा की जानकारी पुलिस को मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की और सभा से संबंधित फोटो तथा अन्य तथ्यों की जांच शुरू की। पूछताछ के दौरान पुलिस को कथित तौर पर एक ऐसे समूह की जानकारी मिली, जिसमें अलग-अलग स्थानों के लोग जुड़े हुए थे। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपी सिग्नल एप के माध्यम से आपस में संपर्क में थे। डीसीपी आदित्य सिंह के मुताबिक, इस ग्रुप में 200 से अधिक लोगों के जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। इनमें करीब 50 लोग आगरा के बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी विनीत वेदी करीब दस वर्षों से इस गतिविधि से जुड़ा बताया गया है। पुलिस पूछताछ में एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने का दावा कर रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपी प्रताप कुशवाह की मां चंद्रवती का करीब एक वर्ष पहले धर्मांतरण कर उसे ईसाई बनाए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका थी और इसके बाद कितने अन्य लोगों को कथित तौर पर समूह से जोड़ा गया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में कथित नेटवर्क के काम करने के तरीके को लेकर भी जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, लोगों को उनकी बीमारी और निजी परेशानियां दूर करने का दावा कर चंगाई सभाओं में बुलाया जाता था। कुछ मामलों में आर्थिक मदद का भरोसा देने की बात भी सामने आई है। आरोप है कि सभाओं के जरिए पहले लोगों से संपर्क बनाया जाता था। इसके बाद उन्हें समूह से जोड़कर आगे दूसरे लोगों को लाने की जिम्मेदारी दी जाती थी। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में करीब 30 से 40 लोगों को जोड़ने के बाद संबंधित व्यक्ति को आगे नए लोगों को जोड़ने की जिम्मेदारी दिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, पुलिस अभी इस पूरी प्रक्रिया में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका और उसके स्तर की पुष्टि कर रही है।











