आगरा। रविवार को कवि डॉ. कुमार विश्वास ने कथा के दूसरे दिन कहा कि मैं बच्चियों से अक्सर कहता हूं कि जो पिता से अपना दुख कह सकती हैं, उनका कोई गलत इस्तेमाल नहीं कर सकता। आज सभी पिता से कहता हूं कि बेटियों को दोस्त बनाएं।
आगरा में कुमार विश्वास की कथा चल रही है। शनिवार से वह आगरा में ही हैं। रविवार को दूसरे दिन उन्होंने माता-पिता को साफ संदेश दिया कि वह अपने बच्चों को कंधा दें, नहीं तो कोई और कंधा दे देगा। इसके बाद बेटी सूटकेस में 36 टुकड़े में मिलेगी।आजकल बच्चे छोटी-छोटी बात पर सुसाइड कर रहे हैं। यह सब इसलिए है कि उनको अपने पर भरोसा नहीं, मां-बाप पर दोस्तों पर भरोसा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि हमारे साथ जब रघुनाथ तो किस बात की चिंता। मैं ईश्वर से कभी कुछ नहीं मांग पाया। अगर इसे भी मांगना पड़ा तो वह किस बात के भगवान। मीरा ने जहर पिया और वह अमृत बन गया। मुझे स्पेन की लेखक ने पूछा तो मैंने कहा कि मीरा को पढ़िए तब समझ आएगा।











