आगरा। जगदीशपुरा में करोड़ों रुपए की जमीन पर कब्जा होने के मामले में सोमवार को कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने पत्रकारों के समक्ष अपना पक्ष रखा। पत्रकार वार्ता में उनका पूरा जोर इस बात पर रहा कि जमीन का मालिक नेमचंद जैन है। कब्जे को लेकर कहा कि पुलिस ने कब्जा कराया है जो कि गलत है। वह बोले उनका नाम इस खेल में बेवजह घसीटा गया।
बता दें कि बोदला में चार बीघा जमीन है। जिसकी कीमत करीब 50 करोड रुपए है। पुलिस ने दो मुकदमों में पांच निर्दोषों को जेल भेजकर इस जमीन पर कब्जा करा दिया। मामला लखनऊ तक सुर्खियों में छाया हुआ है। पुलिस कमिश्नर को भी हटा दिया गया है। मामले में लगातार एक माननीय का भी नाम आ रहा था। कब्जे के मामले में सोमवार को उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय अपना पक्ष रखने के लिए सामने आए। मंत्री ने कहा कि मामले में उनका बेवजह नाम घसीटा जा रहा है। सैफई परिवार का एक करीबी व्यक्ति यह सब करा रहा है। जब उनसे पूछा गया कि क्या भाजपा सरकार में सपा नेता इतना मजबूत हो गया कि वह कब्जे करा रहा है और उसकी पुलिस में भी घुसपैठ है तब उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया।
उनके बेटे का भी मामले में नाम सामने आ रहा था। कहा जा रहा था कि वह मौके पर गया था। इस बात पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि उनका बेटा मौके पर जांच करने गया था। उनसे जमीन के मालिक ने शिकायत की थी कि मौके पर शराब बिकती है। चौकीदार बदलने के बाद भी लोग गेट खटखटाने आते हैं। उन्होंने बेटे से कहा कि तुम जाकर देखो वास्तविकता क्या है। जब उनसे यह सवाल किया गया कि क्या हर मामले में वह बेटे को जांच के लिए भेजते हैं तो उन्होंने इस बात का कोई जवाब नहीं दिया।
योगेंद्र उपाध्याय ने जमीन के मालिक को लेकर कई तथ्य रखे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 में जमीन का एग्रीमेंट हुआ था। उसमें उनका नाम भी था। एग्रीमेंट पर अमल नहीं हुआ। जमीन का कोई बैनामा नहीं कराया गया। समयावधि समाप्त हो जाने पर एग्रीमेंट स्वत: ही समाप्त हो गया।
उन्होंने कहा कि नेम चंद जैन जमीन के मालिक हैं। जमीन पर उन्होंने रवि कुशवाह को चौकीदार के रूप में रखा था। रवि कुशवाह की नीयत में खोट आ गया। सैफई परिवार से जुड़े एक व्यक्ति ने रवि कुशवाह को रुपयों का लालच देकर अपने साथ मिला लिया। पर्दे के पीछे से वह खेल खेल रहा है। इसमें कुछ भाजपा नेता भी शामिल हैं। पांच निर्दोष जेल भेजे गए। इस सवाल पर उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। उन्हें शिकायत मिली थी कि मौके पर शराब बेची जाती है। जब उनसे पूछा गया कि एक और ऐसा उदाहरण दें जिसमें पति गांजा बेचता हो और पत्नी शराब। थाना पुलिस बेखबर हो। जब पकड़े जाएं तो जमीन पर कब्जा हो जाए। उन्होंने इस सवाल का जवाब नहीं दिया। अप्रत्यक्ष तौर पर उन्होंने देहात क्षेत्र से जुड़े एक नेता पर निशाना साधा। कहा कि वह पर्दे के पीछे से खेल में शामिल हैं।











