आगरा। चित्रकारी के क्षेत्र में ताजनगरी का नाम रोशन करने वाली चित्रकार अनन्या शर्मा की डिजिटल पेंटिंग प्रदर्शनी ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। हर पेंटिंग अपने में कुछ बयां कर रही थी। पेंटिंग को देखने के लिए सुबह से लेकर शाम तक चित्रकारों और छात्रों का जमावड़ा लगा रहा। अनन्या ने जिस प्रकार से अपनी कल्पना से इन पेंटिंग को बनाया है यह देख कर सभी उनके कायल हो गए।
शनिवार को डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय के संस्कृति भवन में अनन्या की ‘अनन्या कृति’ (डिजिटल पेंटिंग प्रदर्शनी) आयोजित की गई। शुभारंभ पदम श्री से सम्मानित प्रोफेसर उषा यादव, प्रति कुलपति प्रोफेसर अजय तनेजा, कुलसचिव संजीव कुमार सिंह, डीन एल्युमिनाई प्रो. लवकुश मिश्रा ने किया। प्रदर्शनी में 40 से 50 पेंटिंग लगाई गईं। हर एक पेंटिंग कुछ ना कुछ बयां कर रही थी। पेंटिंग प्रदर्शनी की मेयर नवीन जैन ने भी प्रशंसा करते हुए कहा की यह आगरा के लिए गौरव की बात है कि आगरा में पहली बार डिजिटल पेंटिंग प्रदर्शनी का आयोजन हुआ है। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि अनन्या से युवा कलाकारों को सीख लेनी चाहिए। प्रोफेसर उषा यादव ने कहा कि अनन्या आगरा की शान है। अनन्या के अंदर छिपी प्रतिभा काबिले तारीफ है। उषा यादव ने यह भी कहा कि अनन्या ने चित्रकारों की दुनिया में काफी कम उम्र में अपनी पहचान बना ली हैं।
प्रति कुलपति प्रोफेसर अजय तनेजा ने कहा कि अनन्या को हाल ही में इंटरनेशनल वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस से नवाजा गया है। अनन्या दाऊ दयाल संस्थान की छात्रा रही हैं। यह विश्वविद्यालय के लिए भी गौरव की बात है। डीन एल्युमिनाई और आयोजक प्रो. लवकुश मिश्रा ने कहा कि आज तक किसी भी चित्रकार की पेंटिंग ने 3 दिन में इतनी बिक्री नहीं की है जितनी अनन्या शर्मा की पेंटिंग ने की है। प्रोफ़ेसर मिश्रा ने यह भी कहा कि जल्दी ही ताज खेमा में अनन्या की एक और पेंटिंग प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। कुल सचिव संजीव कुमार सिंह ने कहा कि अनन्या को अभी तक उनके पिता के नाम से जाना जाता था लेकिन अब उनके पिता को अनन्या के पिता के नाम से जाना जाएगा।
अनन्या बोली बचपन से शौक था पेंटिंग बनाने का
अनन्या शर्मा ने बताया कि उन्हें बचपन से ही पेंटिंग बनाने का शौक था, उन्होंने कभी यह नहीं सोचा था कि उनकी पेंटिंग पूरी दुनिया में धूम मचा देगी। अनन्या ने बताया कि उन्होंने 2 पुस्तक भी लिखी हैं। अनन्या ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता मशहूर चिकित्सक डॉक्टर डीपी शर्मा और मां सुवर्चा शर्मा को दिया। अनन्या ने बताया कि अभी उन्हें चित्रकारी के क्षेत्र में और आगे तक बढ़ना है।
प्रदर्शनी के दौरान हेल्प आगरा के मुकेश जैन, सीमा प्रताप, प्रोफेसर यूएन शुक्ला, प्रोफेसर अनिल गुप्ता, प्रोफ़ेसर संजय चौधरी, डॉ. भूपेंद्र चिकारा, डॉ. सुनील उपाध्याय, डॉक्टर प्रवीण यादव, डॉ. विक्रम सिंह, अपर्णा, डॉ. अरुण कुमार दीक्षित, अमित कुमार, डॉ. कौशल राणा, डॉक्टर केके पचौरी, योगेश मिश्रा, सुखपाल तोमर आदि शामिल रहे।














