हाथरस/ आगरा। हाथरस जिले में सिंकदराराऊ इलाके में आयोजित एक सत्संग कार्यक्रम में भगदड़ मचने से अभी तक 130 लोगों की मौत हो गई है। इसमें बड़ी संख्या महिलाओं की है। मृतकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है। सीएम योगी आदित्यनाथ बुधवार को हाथरस जाएंगे। खबर लिखे जाने तक मौके पर डीजीपी प्रशांत कुमार और मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह मौजूद थे। इस घटना पर पीएम नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है।
सिकंदराराऊ कस्बे के पास एटा रोड पर स्थित गांव फुलरई में सत्संग के बाद यह हादसा हुआ है। भगदड़ का मुख्य कारण यह था कि यहां कथा कहने आए कथावाचक भोले बाबा का काफिला निकल रहा था। इस दौरान सत्संग में शामिल श्रद्धालु भी अपने घर को निकल रहे थे। बाबा के काफिले को निकालने के लिए भीड़ को एक हिस्से से रोका गया, इसी दौरान भगदड़ मच गई। इसमें 130 से ऊपर लोगों की मौत होना बताया जा रहा है। मृतकों में अधिकतर हाथरस और एटा के रहने वाले हैं।

घटना में एक सिपाही की भी मौत हो गई है। सर्किल ऑफिसर विक्रांत द्विवेदी ने कहा, “सिपाही रवि कुमार, जो 17 जून से पुलिस लाइन में क्यूआरटी ड्यूटी पर था, आज दोपहर में ड्यूटी पर तैनात रहते हुए ही उसको गर्मी की वजह से चक्कर आ गया। तत्काल उसे जिला अस्पताल में ले जाया गया। उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।

हाथरस भगदड़ की घटना के चश्मदीद सुरेश ने बताया, “मैं बदायूं से अपने परिवार के सदस्यों के साथ यहां आया था। भगदड़ के बाद मेरे छोटे भाई की पत्नी लापता है। हमें पता चला कि कई लोग लापता हैं। मैं माइक पर घोषणा कर रहा था। लेकिन इससे कोई मदद नहीं मिली। अलीगढ़ कमिश्नर चैत्रा वी का दावा है कि हादसे में 107 लोगों की मौत हो गई है। कमिश्नर अलीगढ ने बताया की अब तक 107 लोगो की मौत हो गई है 18 घायलों का इलाज जारी है।
आगरा से पैरा मेडिकल टीम रवाना
हाथरस में सत्संग के दौरान हादसे के बाद आगरा से स्वास्थ्य विभाग ने पांच एम्बुलेंस को चिकित्सक व पैरा मेडिकल टीम के साथ रवाना किया गया है। पोस्टमार्टम हाउस और अस्पताल पर टीम तैनात की गई है। प्राइवेट अस्पतालों को अलर्ट किया गया है।
अलीगढ़ मंडल के जिलास्तरीय अस्पतालों में अलर्ट
सिकंदराराऊ हादसे को लेकर अलीगढ़ मंडल के सभी जिलास्तरीय अस्पतालों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। एडी हेल्थ मोहन झा घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। उन्होंने बताया कि अलीगढ़, हाथरस, कासगंज व एटा जनपद के सभी जिला अस्पतालों में घायलों के उपचार की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। अवकाश पर गए चिकित्सक व विशेषज्ञों को अस्पतालों में तैनात रहने को कहा है। दूसरी ओर, चारों जिलों में पोस्टमार्टम की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
भीड़ को लेकर खुफिया तंत्र ने किया था अलर्ट
सिकंदराराऊ में होने वाले भोले बाबा के सत्संग को लेकर पुलिस के खुफिया तंत्र ने अपनी रिपोर्ट सत्संग से पहले ही तैयार की थी। जिसमें यह कहा गया था कि सत्संग में सवा लाख से अधिक भीड़ जुटेगी। यहां पर एलआईयू ने अप्रिय घटना होने की आंशका भी रिपोर्ट में व्यक्त की थी, लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदारों ने सत्संग में जुटने वाली भीड़ को गंभीरता से नहीं लिया और इसका परिणाम सामने आ गया। अगर समय रहते अधिकारी खुफिया तंत्र की रिपोर्ट पर ध्यान देते तो शायद इतना बड़ा हादसा नहीं होता।
पुलिस प्रशासन ने हेल्पलाइन किए जारी
कोतवाली सिकंदराराऊ में हुए हादसे को लेकर पुलिस प्रशासन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। पुलिस प्रशासन द्वारा घटना की स्थिति पर नजर बनाए रखने के लिए आम लोगों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 9259189726 और 9084382490 जारी किए गए हैं। इन नंबरों पर हादसे से जुड़े लोगों के बारे में उनके परिवार के लोग जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
पीएम मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान
इधर पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी है कि उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुए दुखद हादसे को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की। यूपी सरकार सभी पीड़ितों की हरसंभव सहायता में जुटी हुई है।मेरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं, जिन्होंने इसमें अपने प्रियजनों को खोया है। इसके साथ ही मैं सभी घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। पीएम नरेंद्र मोदी ने हाथरस में हुई दुर्घटना में प्रत्येक मृतक के परिजनों को PMNRF से दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हाथरस जनपद में सत्संग में भगदड़ से बड़ी संख्या में हुई मौतों पर गहरा शोक जताया है। अखिलेश यादव ने घायलों को तत्काल अच्छी से अच्छी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की।
सीएम के निर्देश पर जांच कमेटी गठित
सीएम योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने अफसरों को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। सीएम योगी के निर्देश पर घटना की जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई है। इसमें अलीगढ़ मंडल के वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं।











