आगरा। बारिश के बाद आगरा जनपद के गांवों से लेकर शहर की कॉलोनियों और नगर निकाय क्षेत्रों में जलभराव की गंभीर होती समस्या को लेकर फतेहपुर सीकरी सांसद राजकुमार चाहर ने मोर्चा संभाल लिया है। जलभराव, खराब सड़कों और जल निकासी की समस्या को लेकर सांसद ने जिलाधिकारी आगरा को पत्र लिखकर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। सांसद ने अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपकर प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कराने और लोगों को जल्द राहत दिलाने पर जोर दिया है।
सांसद ने अपने पत्र में कहा कि वर्तमान वर्षा ऋतु में जनपद के कई गांवों, बस्तियों, नगर पंचायतों, नगर पालिका क्षेत्रों और नगर निगम क्षेत्र से जुड़ी कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति गंभीर बनी हुई है। बारिश का पानी सड़कों, गलियों और आम रास्तों पर जमा होने के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। कई जगह लंबे समय तक पानी भरा रहने से सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं। सांसद राजकुमार चाहर ने कहा कि जलभराव का सीधा असर आम लोगों के दैनिक जीवन पर पड़ रहा है। सड़कों और रास्तों पर पानी भरने से ग्रामीणों, राहगीरों और स्थानीय निवासियों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। स्कूली बच्चों को भी जलभराव वाले रास्तों से होकर विद्यालय जाना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कई स्थानों पर जलभराव के कारण दुर्घटनाएं होने की शिकायतें सामने आई हैं। ऐसे में समस्या केवल आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों की सुरक्षा से भी जुड़ा गंभीर विषय है। सांसद ने पत्र में कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के युवा लगातार सोशल मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को सामने ला रहे हैं। इनमें जलभराव के साथ-साथ टूटी सड़कें, क्षतिग्रस्त खड़ंजे और जल निकासी की बदहाल व्यवस्था प्रमुख रूप से शामिल हैं। कई गांवों में तालाब और पोखरों की जलधारण क्षमता कम होने तथा बारिश के पानी की उचित निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण समस्या और विकराल हो गई है। पानी की निकासी नहीं होने से कई इलाकों में लंबे समय तक जलभराव की स्थिति बनी रहती है।सांसद राजकुमार चाहर ने जिलाधिकारी से मांग की है कि समस्या के समाधान के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। इसके लिए तहसील, विकास खंड, ग्राम पंचायत, लोक निर्माण विभाग, जिला पंचायत और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को क्षेत्रवार जिम्मेदारियां सौंपी जाएं। उन्होंने कहा कि केवल जलभराव वाले स्थानों से पानी निकालना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में भी काम किया जाना चाहिए। इसके लिए जल निकासी की व्यवस्था को मजबूत करने, नालियों की स्थिति सुधारने और जरूरत के अनुसार नई नालियों का निर्माण कराने की आवश्यकता है। सांसद ने मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) से भी ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कराकर जलभराव और क्षतिग्रस्त सड़कों की समस्याओं का चिन्हांकन कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मौके पर निरीक्षण के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि किन स्थानों पर तत्काल राहत की जरूरत है और कहां स्थायी निर्माण कार्य कराए जाने की आवश्यक हैं। सांसद ने अधिकारियों से समस्याओं की सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर काम कराने पर जोर दिया है, ताकि बरसात के दौरान लोगों को बार-बार उसी परेशानी का सामना न करना पड़े। सांसद ने जल निकासी के लिए आवश्यकतानुसार नालियों का निर्माण, पुरानी और क्षतिग्रस्त नालियों की मरम्मत, टूटी सड़कों और खड़ंजों का पुनर्निर्माण तथा जरूरत वाले स्थानों पर सीसी सड़क निर्माण कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि मौके पर लोगों को उनका लाभ दिखाई देना चाहिए। जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान होने से जहां आवागमन सुगम होगा, वहीं दुर्घटनाओं और जलजनित समस्याओं का खतरा भी कम किया जा सकेगा। जलभराव की समस्या को लेकर सांसद ने जिलाधिकारी को लिखे पत्र की प्रतिलिपि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी भेजी है। इससे साफ है कि सांसद इस समस्या को केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि शासन स्तर पर भी इसे उठाकर प्रभावित क्षेत्रों में जल्द कार्रवाई कराने के पक्ष में हैं। अब नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है कि सांसद की मांग के बाद आगरा जनपद के जलभराव प्रभावित गांवों, कस्बों और शहरी कॉलोनियों का कितनी तेजी से सर्वे कराया जाता है और जल निकासी व सड़क सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।










