आगरा। मलपुरा में रायता नहीं मिलने पर ढाबे पर उत्पात मचाने वाले पुलिसकर्मियों पर लाइन हाजिर होने की कार्रवाई से सांसद राजकुमार चाहर संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए। इसके लिए वह पुलिस कमिश्नर से भी बात करेंगे।
प्रिंस ढाबे पर देर रात कुछ पुलिसकर्मी चौकी प्रभारी अमन कुमार, एसएसआई नीटू सिंह के साथ खाना खाने के लिए आए थे। इन्होंने खाने का आर्डर दिया। स्टाफ ने खाना सर्व कर दिया। ढाबे पर स्टाफ कम होने के चलते रायता सर्व नहीं हो सका। इस कारण पुलिसकर्मी आग बबूला हो गए और स्टाफ के साथ में अभद्रता शुरू कर दी। उन्होंने भी पुलिसकर्मियों को काफी समझाने का प्रयास किया लेकिन वह बोले कि इस ढाबे को बंद कराकर ही मानेंगे। रायता नहीं देने की सजा बहुत बड़ी मिलेगी। ढाबा बंद करने की धमकी देते हुए पुलिसकर्मियों ने बाहर खड़े लोगों से अभद्रता शुरू कर दी। यात्रियों से भरी एक बस में घुसकर चालक के साथ में मारपीट करते हुए यात्रियों से कहा यहां कोई खाना नहीं खाएगा। पुलिस कर्मियों ने अपने साथी पुलिसकर्मियों को भी मौके पर यह कहकर बुला लिया कि आज इस ढाबे को बंद करना है। सभी ने मिलकर वहां जमकर उत्पाद बताया। मारपीट का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। डीसीपी पश्चिम की ओर से एसएसआई नीटू सिंह, चौकी प्रभारी अमन कुमार को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
सांसद राजकुमार चाहर का कहना है कि रक्षक ही भक्षक बन जाएंगे तो क्या होगा। ढाबे पर जाकर उन्होंने मारपीट कर जो उत्पात मचाया है इस मामले में लाइन हाजिर की कार्रवाई बहुत मामूली है। दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज होना चाहिए। इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। सांसद का कहना है कि वह इस संबंध में पुलिस कमिश्नर को पत्र भी लिख रहे हैं।











