आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में एसटीएफ के आने के बाद कई अजीब मामले सामने आ रहे हैं। विवि प्रशासन ने करोड़ों रुपये के भुगतान निर्माण एजेंसी को कर दिए और काम हुए ही नहीं। एसटीएफ के आने के बाद काम कराना शुरू हुआ है।
बता दें कि दो नए मामले सामने निकलकर आए हैं। पहला मामला संस्कृति भवन का है। विवि प्रशासन ने संस्कृति भवन में एसी के लिए दो करोड़ रुपये से ऊपर का भुगतान सालों पहले एजेंसी को कर दिया और एसी लगे ही नहीं थे। विवि प्रशासन के द्वारा अब संस्कृति भवन में एसी लगवाए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इसी बिल्डिंग को लेकर विजिलेंस जांच भी चल रही है। विश्वविद्यालय के पास इस भवन की जमीन की रजिस्ट्री ही नहीं है। फिर भी यहां 40 करोड़ खर्च कर भवन बनाया गया।
दूसरा मामला पालीवाल पार्क परिसर का है। यहां का एक करोड़ 35 लाख रुपये का स्टैंड बनाने, इंटरलोकिंग टाइल्स लगाने, पार्क का जीर्णोद्वार का काम दिया गया था। एजेंसी को भुगतान भी कर दिया और काम लंबे समय तक नहीं हुआ। हाल ही में कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह विवि में निरीक्षण पर निकले। पार्क में दीवार किनारे हाल देखकर वह बोले कि अगर यहां इंटरलोकिंग हो जाए तो कितना अच्छा लगेगा। इस पर उन्हें बताया गया कि साहब यहां का तो बहुत मोटा भुगतान बहुत पहले हो गया है लेकिन एजेंसी ने काम आज तक नहीं किया। सब जानते हैं यहां कोई देखने वाला है नहीं। यह सुनकर वह चौंक गए। कुलसचिव ने संबंधित एजेंसी से बात की और इंटरलोकिंग का काम शुरू कराया है।











