आगरा। चार दिन तक एक बुजुर्ग ने अपहरण का नाटक रच कर पुलिस को खूब नचाया। खूब दौड़ाया। पुलिस यही सोचती रही बुजुर्ग के साथ कुछ अनहोनी ना हो जाए। इंस्पेक्टर और चौकी प्रभारी खोजने में इस कदर जुट गए कि खाना भी भूल गए। चार दिन बाद जब बुजुर्ग की लोकेशन ट्रेस हुई उस स्थान पर जब पुलिस पहुंची तो बुजुर्ग पुलिस को देखकर कंबल में छिप गया। पुलिस ने कंबल हटाया तो बुजुर्ग के चेहरे पर पसीना आने लगा। क्योंकि उसके झूठ और उसकी रची गई कहानी का पर्दाफाश हो गया था। बुजुर्ग ने कर्जदारों से बचने को कहानी रची थी।
बता दें कि सोनवीर सिंह ने पुलिस में शिकायत की थी कि उनके पिता गौरीशंकर का अपहरण हो गया है, उन्होंने इस बात की जानकारी खंदौली पुलिस को भी दी। लेकिन खंदौली पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। कहा की घटना स्थल एतमादपुर का है, वही जाइए। एत्मादपुर पुलिस ने तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया। इंस्पेक्टर एत्मादपुर विजय विक्रम सिंह और चौकी प्रभारी छलेसर दीपक कुमार ने खोजने के लिए प्रयास शुरू कर दिए। एक बार जसराना की लोकेशन ट्रेस हुई। वहां जाकर पता किया तो बुजुर्ग नहीं मिला, उसके बाद बुजुर्ग ने अपने बेटे को फोन कर कहा कि बेटा मुझे बचा लो, बेटा मुझे बचा लो। यह लोग मार डालेंगे। फोन खुलने पर उसकी लोकेशन ट्रेस की और वहां पुलिस पहुंची तो बुजुर्ग पुलिस को देखकर कंबल ओढ़कर मुंह छिपाने लगा। पुलिस ने जैसे ही चेहरे से कम्बल हटाया तो बुजुर्ग की सिट्टी पिट्टी गुम हो गई। बोला आपने मेरी पोल खोल दी अब कर्जे वाले नहीं छोड़ेंगे।











