आगरा। आगरा के प्रमुख बाजारों में शामिल राजा मंडी बाजार पर संकट के बादल छा गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मंगलवार को राजस्व विभाग की टीम ने मार्केट में पैमाइश और सीमांकन की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान 60 दुकानें और उनके ऊपर बना होटल व शोरूम अवैध निर्माण की जद में पाए गए, जिन्हें ध्वस्त किया जा सकता है।
जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर राजामंडी के लाभचंद मार्केट की पैमाइश कराई जा रही है। अवैध दुकानों और होटल का सीमांकन किया जा रहा है। पूरी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत की जाएगी, उसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। इधर राजा मंडी बाजार में सुबह जैसे ही राजस्व विभाग की टीम फीता लेकर पैमाइश करने पहुंची, पूरे बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आरोप है कि लाभचंद मार्केट की नींव भ्रष्टाचार पर रखी गई। पहले सड़क की जमीन पर 60 दुकानें बनाई गईं और बाद में उनके ऊपर होटल व शोरूम खड़े कर दिए गए। जब दुकानदारों और पट्टाधारकों के बीच किराए को लेकर विवाद बढ़ा, तब पूरे अवैध निर्माण का मामला उजागर हुआ और यह सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। इस मामले में दुकानदार एएस सूरी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। उनके अधिवक्ता बलविंदर सिंह ने बताया कि यदि राजस्व रिकॉर्ड में यह भूमि सड़क के रूप में दर्ज पाई जाती है, तो इसे हर हाल में खाली कराया जाएगा और सार्वजनिक मार्ग बहाल किया जाएगा। राजस्व विभाग के अनुसार यह जमीन पहले धर्मचंद जैन को विशेष शर्तों पर पट्टे पर रहने के लिए दी गई थी। वर्तमान में उनके वारिसों का कब्जा बताया जा रहा है। आरोप है कि नगर निगम द्वारा पट्टा पहले ही निरस्त किया जा चुका है, इसके बावजूद दुकानदारों से भारी-भरकम किराया वसूला जा रहा है। करीब 60 दुकानदार दशकों से यहां व्यापार कर रहे हैं, जिनका भविष्य अब अधर में लटक गया है।











