आगरा। डिब्बा कारोबारी स्वदेश वर्मा उर्फ गागा को रिमांड पर लेकर फरीदाबाद पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि करोड़ों की रकम कहां से कहां भेजी जाती है। इस अवैध धंधे में कितने लोग लिप्त हैं। ऑन लाइन धोखाधड़ी का यह अवैध धंधा कब से चल रहा है।
फरीदाबाद साइबर सेंट्रल थाना पुलिस ने साढ़े सात करोड़ की युवती से हुई धोखाधड़ी में छानबीन शुरू की थी। 16 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद आगरा के स्वदेश वर्मा उर्फ गागा का नाम सामने आया था। दिल्ली से फरीदाबाद पुलिस ने उसके तीन युवकों को उठाया था। उन्होंने पूछताछ में राज उगले थे। गागा को इसकी भनक लग गई थी। वह आगरा से भाग गया था। सीधे नेपाल गया था। चर्चा है कि फरीदाबाद पुलिस से बचने के लिए उसकी दुबई भागने की योजना थी। पुलिस को इसकी भनक लग गई थी। पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए लुक आउट नोटिस जारी कराया था जिससे किसी भी एयरपोर्ट पर एंट्री करते ही पुलिस के पास सूचना आ जाए और वह विदेश नहीं भाग पाए। उसकी तलाश में फरीदाबाद पुलिस नेपाल तक गई थी। वहां भी कई जगह छानबीन की थी। सराफा बाजार में गागा की गिरफ्तारी कारोबारियों के बीच खासी चर्चा का विषय बनी हुई है। बाजार में चर्चा है कि यह तो सिर्फ एक मामला है। गहराई से जांच हुई तो करोड़ों नहीं अरबों का खेल निकलेगा। अवैध वायदा एक्सचेंज के जाल में जो एक बार फंसा वह बर्बाद होकर ही बाहर निकला है। कारोबारी बता रहे हैं कि करीब एक माह पहले फरीदाबाद पुलिस आगरा आई थी। किनारी बाजार में गागा की वर्मा संचार सेवा के नाम से दुकान है। पुलिस टीम वहां गई थी। उसी के बाद से गागा आगरा से गायब था। उसके पकड़े जाने की चर्चाएं कई दिनों से बाजार में थीं। आगरा में उसका काम दो युवक संभालते हैं। उनके नाम भी फरीदाबाद पुलिस को पता चल गए हैं। गागा की गद्दी नेपाल और दुबई तक है।











