आगरा। खेरागढ़ थाना क्षेत्र में खनन माफिया के तमंचे के सामने पुलिस के उल्टे पांव भागने पर किरकिरी हो रही है। पुलिस की पूरी जीप थी और खनन माफिया चंद ही थे। फिर भी पुलिस को डरकर भागना पड़ा। घायल सिपाही का अस्पताल में उपचार चल रहा है। पुलिस की किरकिरी होने के बाद थाना पुलिस ने इस मामले में अभी तक सात लोगों को पकड़ लिया है। सभी को जेल भेजा गया है। चार राजस्थान और तीन खेरागढ़ के निवासी हैं।
खेरागढ़ में खनन माफिया के गुर्गे ने शनिवार की सुबह तमंचे से सिपाही अजय कुमार को गोली मारी थी। खेरागढ़ में समाध मार्ग पर बालू की ट्रैक्टर-ट्रॉली एक प्लाट में कीचड़ में फंस गई थी। सूचना पर एसआई वरदानी लाल फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे थे। खनन माफिया के गुर्गों ने पुलिस को देखकर ललकारते हुए गोलियां चलाई थीं। एक गोली सिपाही अजय कुमार के सिर में लगी थी। जख्मी सिपाही को लेकर इंस्पेक्टर खेरागढ़ आगरा आ रहे थे। रास्ते में एक ट्रैक्टर ने उनकी जीप में टक्कर मारी थी। डीसीपी पश्चिम सोनम कुमार ने बताया कि घटना में पुलिस ने अभी तक खेरागढ़ निवासी नेमी कुशवाह, मोहर सिंह, मुकेश अग्रवाल और धौलपुर निवासी राजपाल, योगेश, विजय और विनय सिंह को पकड़ा है। चार ट्रैक्टर और दो बाइक जब्त किए गए हैं। सातों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में दबिश जारी है। पुलिस को छानबीन में पता चला है कि गोली सत्यप्रकाश नाम के युवक ने चलाई थी। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। वह घटना के बाद से फरार है। पुलिस ने खनन के नेटवर्क से जुड़े दो दर्जन से अधिक लोगों को चिन्हित किया है। सभी को अलग-अलग जिम्मेदारी मिली हुई है। खनन का अवैध धंधा मामूली नहीं है। दबंग लोग इससे जुड़े हुए हैं। बेरोजगार युवक रुपयों के लालच में इस नेटवर्क का हिस्सा बन गए हैं। एक चक्कर में ही उन्हें अच्छी कमाई हो जाती है। पुलिस ने उन लोगों को भी चिन्हित किया है जिनकी गाड़ियां खनन में चलती हैं। उनके गुर्गे राजस्थान और आगरा के बीच खनन के अवैध परिवहन का काम करते हैं।











