आगरा। सिकंदरा से हुए अधिवक्ता के अपहरण में उन्हें सकुशल बरामद करने के लिए आगरा पुलिस कमिश्नररेट के इंस्पेक्टर हरीपर्वत अरविंद कुमार सहित कुछ पुलिसकर्मियों को मुख्यमंत्री वीरता पदक मिला है। पुलिसकर्मियों के चेहरे खिल गए हैं। इंस्पेक्टर हरीपर्वत को एक के बाद एक मेडल मिलने के बाद पुलिसकर्मी अपना रोल मॉडल मानने लगे हैं।
तीन फरवरी 2020 को फिरोजाबाद के रहने वाले अधिवक्ता अकरम अंसारी सिकंदरा में किसी काम से आए थे। यहां से बदमाशों ने उनका अपहरण कर लिया था। पुलिस ने उन्हें खोजने के लिए दिन रात एक कर दिए थे। तत्कालीन इंस्पेक्टर सिकंदरा अरविंद कुमार के नेतृत्व में एक टीम गठित हुई थी। टीम ने 13 दिन की कड़ी मशक्कत के बाद अधिवक्ता को धौलपुर के बीहड़ से बरामद कर लिया था। साथ ही 6 बदमाशों को भी पकड़ा था। पुलिस ने अपहरण की रकम को भी बरामद कर लिया था। मंगलवार को पुलिस आयुक्त डॉ. प्रतिंदर सिंह द्वारा अधिवक्ता को बरामद करने वाले पुलिस कर्मियों को मुख्यमंत्री वीरता पदक दिया गया। वीरता पदक पाने वालों में इंस्पेक्टर अरविंद कुमार, हेड कांस्टेबल आदेश त्रिपाठी करणवीर सिंह, अजीत कुमार, राजकुमार, प्रशांत शामिल रहे।
ऐसा कोई मेडल नहीं जो अरविंद कुमार को मिला नहीं

आगरा। इंस्पेक्टर हरीपर्वत अरविंद कुमार की बेहतर पुलिसिंग और सराहनीय कार्यों के लिए पूर्व में भी उन्हें कई मेडल मिल चुके हैं। ऐसा कोई मेडल नहीं है जो उन्हें नहीं मिला हो। आगरा में भी उन्होंने तैनाती के दौरान कई बड़े अपराधियों को पकड़कर जेल भेजा है। इसके साथ ही थाना हरीपर्वत की भी तस्वीर बदली है। अपनी कार्यशैली की वजह से इंस्पेक्टर अरविंद कुमार सभी अधिकारियों के प्रिय रहते हैं। आगरा में वह जगदीशपुरा, सिकंदरा, एत्मादपुर थाने में रह चुके हैं। वर्तमान में हरीपर्वत थाने में हैं। अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए उन्हें खुर्जा में स्पेशल पोस्टिंग दी गई थी। वहां पर उन्होंने अपराध पर अंकुश लगाने के लिए अपराधियों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की थी। मथुरा में भी वह सुर्खियों में छाए रहे हैं।











