-गौरव प्रताप सिंह-
आगरा। डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध एक कॉलेज में बिना परीक्षक के ही प्रैक्टिकल करा दिया गया और छात्रों को मनमाने नंबर देकर दे दिए गए। कालेज ने नंबर सीधे विश्वविद्यालय को भेज दिये। एक परीक्षक द्वारा शिकायत कर इस बात का खुलासा किया गया है।
विश्वविद्यालय में इस बार परीक्षाओं का जमकर मखौल उड़ा हैं। यहां तीन बार पेपर लीक हो गए। इसके अलावा डिग्री कॉलेज में इंटरमीडिएट किया हुआ युवक शिक्षक बना हुआ था। वहीं एक किसान को प्राचार्य बना दिया गया था। हैरानी की बात तो यह है कॉलेज को विश्वविद्यालय ने केंद्र बना दिया।
इधर विश्वविद्यालय के ग्रेजुएशन प्रथम वर्ष के छात्रों के प्रेक्टिकल शुरू हो गए हैं प्रैक्टिकल का भी मखौल उड़ना शुरू हो गया है। मथुरा के बीएसए कॉलेज में तैनात डॉ. अवेंद्र पाल सिंह का कहना है कि उन्हें गिरराज महाराज कॉलेज में रसायन विज्ञान विषय की प्रयोगात्मक परीक्षा लेने के लिए परीक्षक बनाया गया था। जब वह कॉलेज में पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि कॉलेज ने प्रयोगात्मक परीक्षा कराकर विश्वविद्यालय को सीधे नंबर भेज दिए हैं। वहीं उन पर दबाव बनाया गया कि वह भी हार्ड कॉपी पर हस्ताक्षर कर दें। पूरे प्रकरण की उन्होंने परीक्षा नियंत्रक से शिकायत की है। साथ ही प्रयोगात्मक परीक्षा स्थगित करने की भी मांग की है। इधर मामले में पीआरओ प्रोफेसर प्रदीप श्रीधर का कहना है कि मामले की जानकारी की जा रही है। मामले में जांच कराई जाएगी।











