आगरा। विद्युत आपूर्ति का जितना समय निर्धारित किया गया है, हर हाल में उतनी विद्युत आपूर्ति देनी है। यह निर्देश मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी ने विद्युत विभाग के कार्यों की मंडलीय समीक्षा बैठक में दिए।
शुक्रवार को मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी की अध्यक्षता में विद्युत विभाग के कार्यों की मंडलीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में सर्वप्रथम दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर अमित किशोर ने अवगत कराया कि आगरा मंडल में डीवीवीएनएल द्वारा गत माह शहरी इलाकों में 23.52 घंटे, तहसील क्षेत्रों में 21.19 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18.2 घंटे विद्युत आपूर्ति की जा रही है। जनपद मैनपुरी में निर्धारित से कम विद्युत आपूर्ति की शिकायत मिलने के मंडलायुक्त के सवाल पर संबंधित अधिकारी द्वारा बताया गया कि मैनपुरी में विद्युत अपग्रेडेशन का कार्य चल रहा है, जिस कारण शट डाउन लिया जाता है। इस पर मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि शासन द्वारा शहरी व ग्रामीण इलाकों में विद्युत आपूर्ति का जितना समय निर्धारित किया गया है हर हाल में उतनी विद्युत आपूर्ति देनी है। विद्युत व्यवस्था के अपग्रेडेशन का काम भी चलता रहे और निर्बाध विद्युत की आपूर्ति होती रहे। इस प्रक्रिया को रेगुलर मेंटेन करना है। किसानों को ट्यूबवेल चलाने को भी समुचित विद्युत आपूर्ति करना सुनिश्चित किया जाए।
जनपदवार ग्रामीण क्षेत्र के 11 केवी प्रथक कृषि पोषक पर दैनिक विद्युत आपूर्ति का विवरण दिया कि आगरा और मैनपुरी में समय से विद्युत आपूर्ति की जा रही है जबकि फिरोजाबाद में 6 और मथुरा में 15 फ़ीडर से लगभग आधा घंटा का कटौती हो रही है। मंडलायुक्त ने सर्वे कर सभी फीडरों से बिना कटौती किये विद्युत आपूर्ति करने और फीडरों पर प्राप्त होने वाली समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए। विद्युत आपूर्ति रोकने, कटौती करने और अन्य संबंधित जानकारी व योजनाओं से ग्राहक को निरंतर अवगत कराने हेतु उनके मोबाइल नम्बरों पर मैसेज भेजने के निर्देश दिए गए।
विद्युत आपूर्ति में सुधार हेतु आरडीएसएस योजनांतर्गत किये जा रहे कार्यों की प्रगति की मंडलायुक्त द्वारा समीक्षा की गयी। पूरे आगरा मंडल में लगभग 838 करोड़ से विद्युत पोल लगाने, एबी केबल डालने और फ़ीडर अपग्रेडेशन इत्यादि का कार्य किया जा रहा है। मंडलायुक्त ने जिलाधिकारियों को उपरोक्त कार्यों को गुणवत्तापूर्ण कराने हेतु समय-समय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। विद्युत ट्रांसफार्मर खराब होने पर 8 घंटे के अंदर ही सही करने या ठीक ट्रांसफार्मर लगाने के निर्देश दिए। वर्तमान तक जितने भी नगर निगम, नगर पालिका और पंचायत की सीमा का विस्तार हुआ है, उस क्षेत्र को भी विद्युत से आच्छादित करने को कहा। डीवीवीएनएल की ओवर हेड की सभी विद्युत लाइनों को अंडरग्राउंड कराने हेतु जनपदवार प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने के निर्देश दिये।
इन दिनों चल रही एकमुश्त समाधान योजना को लेकर अवगत कराया कि बकायेदारों से लगभग 1877 करोड़ रुपया प्राप्त करना है, जिसमें से अभी तक 200 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं। वहीँ विद्युत चोरी प्रकरण में लगभग 126 करोड़ वसूलना है लेकिन अभी तक 6 करोड़ की ही वसूली हो सकी है। मंडलायुक्त ने इस पर गंभीरता से काम करने और निर्धारित समय तक लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए। ज्यादा से ज्यादा वसूली करने हेतु प्रवर्तन दल को भी सक्रिय बनाने को कहा।











