आगरा। ज़िंदगी हसीन हो जाती है जब उसमें अच्छी दोस्ती का तड़का लग जाता है। अगर दोस्ती बचपन की है तब तो सोने पे सुहागा। मौक़ा था सैंट जॉर्जेस स्कूल के सन् 1998 के बैच की सिल्वर जुबली का। जिसमें सभी पुराने दोस्तों ने मिलकर अपने बचपन की यादों को तरोताज़ा किया।
सभी शिक्षको ने क़िस्सा गोई करते हुए छात्रों की उपलब्धियां और शरारतों का ज़िक्र किया। इस दौरान छात्रों ने भी पुराने किस्सों को याद किया। सबसे पहले एसेंबली में रोजाना की प्रेयर और दिन की खास खबरों के साथ दिन की शुरुआत की।सभी अपनी पुरानी कक्षाओं में जाकर बचपने की धुंधली यादों को संजोने लगे। पीटी टीचर अलका भल्ला की सीटी की आवाज़ पर सभी छात्र, छात्राओं ने पीटी की। छात्रों ने सिल्वर जुबली को खास बनाते हुए अपने शिक्षकों को चांदी का सिक्का देकर सम्मानित किया। प्रमुख रूप से पूर्व प्रिंसिपल जे एस जरमाया, वर्तमान प्रिंसिपल अक्षय जरमाया, शिक्षको में आर पी शर्मा, राकेश अवस्थी, जे साइमन, ट्रेवर रोस्मेयर, अजय सिंघल, वेस्ली सर, अध्यापिकाओं में श्रीमती भावना रघुवंशी, अलका भल्ला, दीप्ति दुबे, जीन अल्बर्ट, मोसेस मेम आदि उपस्थित रहे। छात्र एवं छात्राओं में मुख्य रूप से शकुन जैन, रोहित कत्याल, अभिषेक अग्रवाल, पियूष सचदेवा, अनुपम सिकदर, त्रिलोचन सिंह, शिवाल गांधी, इमरान हसन आदि ने व्यवस्थाएं संभाली। 25 साल पहले इंटर पास करने के बाद कुछ छात्र सिविल सेवा, कुछ इंजीनियर, कुछ डॉक्टर, कुछ व्यापारी, कुछ टीचिंग जॉब, समाजसेवा के साथ साथ लड़किया बैंक जॉब, मेक अप स्पेशलिस्ट, डॉक्टर टीचिंग जॉब, फिल्म लाइन से जुड़ चुके हैं।











