आगरा। पुलिस कमिश्नर के सख्त निर्देश हैं कि जुआ,-सट्टा नहीं होना चाहिए। फिर भी खेरागढ़ सर्किल के 6 पुलिसकर्मियों की उनसे मिलीभगत थी। एसीपी की रिपोर्ट पर तीनों थानों के 6 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
डीसीपी पश्चिम सोनम कुमार ने बताया कि पुलिस आयुक्त जे रविन्दर गौड को शिकायत मिली थी कि खेरागढ़, जगनेर और बसई जगनेर के कुछ पुलिस कर्मियों की आचरण ठीक नहीं है। उनके थाने पर रहने से पुलिस की छवि खराब हो रही है। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर एसीपी खेरागढ़ से गोपनीय रूप से जांच कराई गई। एसीपी की रिपोर्ट पर खेरागढ़ थाने में तैनात आरक्षी चालक मनोज कुमार, आरक्षी विशाल राठी, जगनेर थाने के आरक्षी संजीव कुमार, आरक्षी अक्षय कुमार व बसई जगनेर थाने में तैनात आरक्षी आकाश हुडडा, प्रवेश कुमार को लाइन हाजिर किया गया है। डीसीपी पश्चिम ने बताया कि एसीपी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि पुलिस कर्मियों की जुए-सट्टे वालों से संलिप्तता से इनकार नहीं किया सकता।
इधर खेरागढ़ और सैंया सर्किल के थाने खनन के लिए पहले चर्चाओं रहे हैं। इन थाना क्षेत्रों से खनन के परिवहन की गाड़ियां गुजरती हैं। कमाई के नजरिए से दोनों सर्किल के कई थाने मलाईदार माने जाते हैं। पूर्व में कई बार खनन में संलिप्त होने पर पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई भी हुई है। खेरागढ़ सर्किल के तीन थानों के छह पुलिस कर्मियों के लाइन हाजिर होने की कार्रवाई से खलबली मच गई है। पुलिस आयुक्त गोपनीय रूप से यह जानकारी जुटा रहे हैं कि खनन का खेल बंद हो गया है या पुलिस कर्मी अभी भी गड़बड़ी कर रहे हैं। उन तक गड़बड़ी की शिकायत आई तो सख्त कार्रवाई तय है।











