आगरा। आगरा डवलपमेंट प्लान को लेकर विभिन्न विभागों के साथ समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी का गुस्सा फूट गया। मॉडल रोड बना रहे अधिकारियों को इंडियन रोड कांग्रेस की गाइड लाइन के बारे में पता नहीं था। नगर निगम ने बिना एक्सपर्ट एजेंसी के हाथी घाट के निर्माण का प्रजेंटेशन तैयार कर दिया। गंगाजल परियोजना की धीमी प्रगति पर भी नाराजगी जाहिर की।
कलेक्ट्रेट सभागार में आगरा डेवलपमेंट प्लान से संबंधित समीक्षा बैठक संपन्न हुई। डीएम ने नगर निगम को शहर में 50 अत्याधुनिक टॉयलेट का निर्माण कराने के लिए नगर विकास विभाग को प्रस्ताव भेजने और जमीन चिन्हित करने के लिए कहा। नगर निगम द्वारा कराए जा रहे मैकेनिकल स्वीपिंग कार्य की समीक्षा में मैकेनिकल स्वीपिंग के कार्य को रात्रि शिफ्ट में पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में यमुना घाटों की सफाई व्यवस्था की समीक्षा में बताया गया कि दशहरा घाट, बल्केश्वर, सीताराम घाट की सफाई व्यवस्था की गई है।
बैठक में नगर निगम द्वारा हाथीघाट के पक्के निर्माण तथा सौंदर्यीकरण के लिए प्रेजेंटेशनल दिया। प्रेजेंटेशन एजेंसी का घाट निर्माण व सौंदर्यीकरण कार्यों में विशेषज्ञता पर संतुष्टिजनक उत्तर न मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहाकि बिना विशेषज्ञ एजेंसी से कार्य प्रस्तावना कैसे तैयार कर दी। बाढ़ की स्थिति में घाट निर्माण को क्षति हुई तो जिम्मेदार कौन होगा। नमामि गंगे प्रोजेक्ट के एक्सपर्ट्स तथा सिंचाई विभाग से विशेषज्ञपूर्ण बैठक में नगर निगम द्वारा बनाए जा रहे मॉडल रोड की समीक्षा में बताया गया कि शहर में 10 मॉडल रोड बनाए जाने की योजना है। आवास विकास व कमलानगर क्षेत्र में मॉडल रोड बनाए गए हैं। डीएम ने कमलानगर में बने मॉडल रोड का प्रेजेंटेशन देखा। प्रेजेंटेशन वीडियो में मॉडल रोड पर गंदगी तथा सीएंडडी वेस्ट को देख कर नाराजगी जताई। मॉडल रोड के कार्य में इंडियन रोड कांग्रेस की गाइड लाइन के अनुपालन के बारे में पूछने पर संबंधित अधिकारी कोई जवाब नहीं दे सके। जिलाधिकारी ने मॉडल रोड निर्माण में डिवाइडर की ऊंचाई, रंग, ट्रैफिक मैनेजमेंट, पार्किंग, ड्रेनेज, फुटपाथ, लाइटिंग, ग्रीन कवर, टॉयलेट इत्यादि की गाइड लाइन का अनुपालन न किए जाने पर कड़ी फटकार लगाई।
डीएम ने अमृत योजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने जलनिगम को निर्देश दिए कि पाइप लाइन तथा सड़क खुदाई का कार्य जहां प्रस्तावित है उसकी सूची नगर निगम, लोक निर्माण, एडीए सहित अन्य विभागों को दें, जिससे असुविधा से बचा जा सके। पर्यटन विभाग की समीक्षा में बताया गया कि कुल 2400 गाइड्स को 22 सितंबर से 500-500 के समूह में सूरसदन में ट्रेनिंग दी जाएगी।











