आगरा। राज्य सूचना आयुक्त अजय कुमार उप्रेती द्वारा मंगलवार को आगरा और अलीगढ़ मंडल की आयोग में लंबित अपीलों शिकायतों की सुनवाई की गई। कई जन सूचना अधिकारियों को उन्होंने फटकार लगाई। कुछ पर अर्थ दंड भी लगाया। सबसे ज्यादा रोचक बात यह रही कि जब उन्होंने आगरा विकास प्राधिकरण से पूछा कि उन्होंने आवेदनकर्ता के आवेदन का जवाब क्यों नहीं दिया है तो इस पर प्राधिकरण ने कहा कि आवेदक द्वारा अंग्रेजी में पूछा गया था। यह सुनने के बाद उन्होंने प्राधिकरण की जमकर फटकार लगाई।
सुनवाई के दौरान उन्होंने जिला खनन अधिकारी हाथरस पर आयोग द्वारा 25 हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित करते हुए उनके वेतन से वसूली का आदेश दिया क्योंकि उनके द्वारा आयोग को सूचना भेजने के संबंध में गुमराह किया गया था। जब उनसे सूचना भेजे जाने की तिथि पूछी गई तो उनके द्वारा कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया और बताया गया कि सूचना पूर्व में ही भेजी जा चुकी है। जब आयोग द्वारा एक घंटे में साक्ष्य देने का आदेश दिया गया तो उन्होंने सूचना आज ही प्रेषित की।
आयोग द्वारा कार्यालय जिला अधिकारी हाथरस के जनसूचना अधिकारी के द्वारा आरटीआई आवेदनों का संतोषजनक निस्तारण न होने के कारण जनसूचना अधिकारी उप जिलाधिकारी मनीष चौधरी को कड़ी फटकार लगाई और भविष्य में आवेदनों का नियमानुसार त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिये गये।
आयुक्त द्वारा कड़ा तेवर अपनाते हुए मण्डल के जनसूचना अधिकारियों को समय सीमा के अंदर सूचना देने के निर्देश दिए गए। आयोग द्वारा जनसूचना अधिकारी पुलिस अधीक्षक, नगर अलीगढ़ की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त किया गया। क्योंकि उनके द्वारा दी गई जनसूचना में आरटीआई अधिनियम 2005 का अनुपालन नहीं किया गया था। इस संबंध में आयोग द्वारा पुलिस अधीक्षक नगर अलीगढ़ को भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति ना करने के निर्देश दिये गये। आयोग द्वारा जब ज़िला पंचायत राज अधिकारी फ़िरोज़ाबाद को कड़ी फटकार लगाई गई तो वर्षों से लंबित सूचना 10 मिनट में दे दी गई।
आयोग द्वारा आगरा विकास प्राधिकरण आगरा की कार्यप्रणाली पर भी असंतोष व्यक्त किया गया और चेतावनी दी गई। एडीए से जब जनसूचना ना देने का कारण पूछा गया तो उन्होंने बताया की वादी द्वारा अंग्रेज़ी में आवेदन किया गया था, जिस कारण आवेदन समझ नहीं पाए। आज आयोग द्वारा 151 आरटीआई आवेदन की सुनवाई की गई जिनमें से 80 प्रतिशत से अधिक का मौक़े पर ही निस्तारण किया गया। आयोग ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत 25 हजार रुपये का तीन अधिकारियों पर अर्थदंड अधिरोपित किया। उक्त दंड ज़िला खनन अधिकारी हाथरस, खंड विकास अधिकारी शीतलपुर एटा व अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड कासगंज थे।











