आगरा। आगरा कमिश्नरेट पुलिस ने ऑनलाइन बैटिंग ऐप और वेबसाइट के जरिए होने वाले फ्रॉड का खुलासा किया है। सभी जानकर हैरान हो जाएंगे कि साइबर ठगों के निशाने पर 15 लाख भारतीय थे। इनसे 38 हजार करोड़ रुपए कमाने की तैयारी थी। आगरा की साइबर टीम ने 27 गेमिंग-बैटिंग वेबसाइट और सात ऐप को ब्लॉक कर दिया है। पुलिस कमिश्नर डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि करीब सात माह पहले थाना शाहगंज में स्टार इंडिया ने एफआईआर दर्ज कराई थी कि उनके ऑरिजनल कंटेंट को कुछ वेबसाइट रीस्ट्रीमिंग कर दिखा रहे हैं। जब साइबर सेल इसकी जांच में जुटी तो इस नए तरह के फ्रॉड के बारे में पता चला। ये लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम के माध्यम से लोगों से संपर्क करते थे। उन्हें बैटिंग और गेमिंग के जरिए घर बैठे लाखों रुपया कमाने का लालच देते थे। जब व्यक्ति उनकी बातों के जाल में फंस जाता था तो उसे अपनी वेबसाइट पर सब्सक्राइबर बना लेते थे। ओटीटी प्लेटफॉर्म से डाटा चुरा कर लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए उनसे बैटिंग करवाते थे। शुरुआती दौर में बैटिंग करने वालों को खेल में अच्छा खासा मुनाफा करवाते थे। जैसे ही वेबसाइट पर सब्सक्राइबर्स की संख्या बढ़ने लगती, साइबर अपराधी अपना असली रंग दिखाना शुरू कर देते थे। पहले यूजर्स से सब्सक्रिप्शन का चार्ज लेते थे। जब फर्जी ऐप के जरिए 100, 200 करोड़ रुपए की कमाई कर लेते और इनका एक बड़ा यूजर बेस तैयार हो जाता है तो ये लोग रातों रात अकाउंट को खाली कर वेबसाइट और ऐप बंद कर देते।
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया, “इन वेबसाइट के काम करने का तरीका जानने के लिए साइबर सेल ने इन वेबसाइट का यूजर बनकर इसके गेम को समझा। साइबर सेल को पता चला कि इस तरह की अवैध वेबसाइट को चाइना, थाईलैंड, वियतनाम में तैयार किया जाता है। ये ऐसे देश के सर्वर का इस्तेमाल करते हैं, जिनका इंडिया का कंट्रोल नहीं होता है। साइबर सेल ने ऐसी 27 वेबसाइट और सात ऐप को ट्रेस कर इनको ब्लॉक कराया है। खुलासा करने वाली टीम में साइबर सेल प्रभारी सुल्तान सिंह यादव, इंस्पेक्टर शाहगंज आलोक कुमार सिंह, एसआई सचिन धामा, हेड कांस्टेबल विजय तोमर आदि शामिल रहे।











