आगरा। रक्षाबंधन पर सड़क हादसों में दो घरों के चिराग बुझ गए। दिल्ली से आ रही बहनों को लेने जा रहे इकलौते भाई भोलू को बोदला पर गुरुवार की रात ट्रक ने चपेट में ले लिया। उनकी मौके पर मृत्यु हो गई। वही, ट्रांस यमुना में हाईवे पर रायल कट के पास कार ने बाइक सवार दो मित्रों को चपेट में ले लिया। हादसे में यश मलिक की मृत्यु हो गई। पिता के निधन के बाद इकलौते बेटे यश मलिक ही वृद्ध मां का सहारा थे। घटना गुरुवार रात लगभग 12 बजे की है।
लोहामंडी के जयपुर हाउस स्थित जूस वाली गली निवासी 32 वर्ष के भोलू तीन बहनों के इकलौते भाई थे। चचेरे भाई अनिल ने बताया कि भोलू को राखी बांधने बहनें ममता और मुन्नी गुरुवार की रात दिल्ली से आ रहीं थीं। उन्होंने भाई भोलू को काल किया कि वह उन्हें सिकंदरा चौराहे पर लेने आ जाए। भोलू बाइक से सिकंदरा चौराहे जा रहे थे। बोदला चौराहे पर पीछे से आते ट्रक ने उन्हें बाइक समेत चपेट में ले लिया। भोलू की हादसे में मौत हो गई। पुलिस ने ट्रक को पकड़ लिया। वहीं, हादसे की जानकारी घर पहुंचने पर परिवार के लोग मौके पर पहुंच गए। भाई की कलाई पर राखी बांधने से पहले मौत के झपट्टा मारकर ले जाने पर बहनों का रो रोकर बुरा हाल था। भोलू एक इलेक्ट्रानिक शोरूम में सेल्समैन थे। परिवार में पत्नी नीतू और पांच वर्ष का बेटा है।
दूसरा हादसा गुरुवार की रात 12 बजे ट्रांस यमुना में हाईवे स्थित रायल कट के पास हुआ। लक्ष्मी कुंज एत्माद्दौला निवासी 26 वर्ष के यश मलिक मित्र कपिल की अस्पताल में भर्ती पत्नी को देखकर बाइक से लौट रहे थे। उनके साथ मित्र सौरभ भी थे। रायल कट के पास टूंडला की ओर से आती कार ने यश की बाइक में टक्कर मार दी। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस गंभीर घायल यश और सौरभ को पास के अस्पताल लेकर गई। वहां डाक्टरों ने यश मलिक को मृत घोषित कर दिया। वह इकलौते बेटे थे। पिता उमेश मलिक की मृत्यु हो गई थी। मां सुदेश मलिक का वही सहारा थे। मां ने बताया कि बेटा मथुरा में एक निजी कंपनी में काम करता था। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि दोनों दुर्घटनाओं में वाहन चालकों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है।










