-गौरव प्रताप सिंह-
आगरा। डॉक्टर भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय की पहली महिला कुलपति बनीं प्रोफेसर आशु रानी जल्द ही चार्ज ग्रहण करने के लिए आएंगी। प्रोफेसर आशु रानी का कहना है कि विश्वविद्यालय में सुधार के उद्देश्य से वह पूरी मेहनत से काम करेंगी। इसके साथ ही छात्रों को समय से डिग्री, मार्कशीट्स मिल सके। यह उनकी प्राथमिकता में शामिल रहेगा।
DLA से फोन पर अपनी प्राथमिकताओं पर बातचीत करते हुए नवनियुक्त प्रो. आशु रानी ने कहा कि विश्वविद्यालय में जो गड़बड़ी हैं, वह उनके संज्ञान में है। सरकार और राज्यपाल की इच्छा है कि विश्वविद्यालय में सुधार हो। इसी इच्छा को पूरा करने के लिए वह दिन रात काम करेंगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में पारदर्शी व्यवस्था बनाने के लिये सारी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाएगा। इसके साथ ही ऐसे कदम उठाए जाएंगे जिससे कोई भी फर्जीवाड़ा रुक सके। आंबेडकर विश्वविद्यालय की डिग्री और मार्कशीट संदेह की नहीं बल्कि छात्रों को अच्छी नौकरियां दिलाने में सहायक हो वे ऐसा प्रयास करेंगी।
प्रोफेसर आशु रानी ने यह भी कहा कि नैक के निरीक्षण में विश्वविद्यालय को अच्छी ग्रेड मिले, इसके लिए भी प्रयास करेंगी। एनईपी अच्छी तरह लागू रहे इसके लिए भी उनके प्रयास जारी रहेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनके संज्ञान में यह बात है कि विश्वविद्यालय में एसटीएफ जांच कर रही है। वह एसटीएफ का जांच में पूरा सहयोग करेंगी।
प्रोफेसर आशु रानी ने कहा कि नकल रोकने के लिए भी वह सख्त कदम उठाएंगी। विश्वविद्यालय में ऐसे कॉलेजों को भी केंद्र बना दिया जाता है जहां टेंट की कुर्सियां मंगाई जाती हैं, इस सवाल पर उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया। वह बोलीं सारी चीजें नियम और मानक के तहत होंगी।











