नई दिल्ली। राम नवमी पर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के कावेरी छात्रावास में हंगामे का मामला बढ़ता जा रहा है। कल छात्रों के दो गुट भिड़ गए थे और कई लोगों को चोट भी आई। छात्रसंघ ने आरोप लगाया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों ने छात्रों को छात्रावास में मांसाहारी भोजन खाने से रोका और हिंसा का माहौल बनाया। वहीं, एबीवीपी ने दावा किया है कि रामनवमी पर छात्रावास में आयोजित पूजा कार्यक्रम में वामपंथियों ने अड़चन पैदा की। इस बीच, भाजपा नेता और आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय ने जेएनयू की घटना को सीताराम येचुरी के कार्यकाल विस्तार से जोड़ा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि क्या यह इत्तेफाक है कि जिस दिन सीताराम येचुरी को एक्सटेंशन मिला, उसी दिन जेएनयू में कॉमरेडों ने बवाल कर दिया और एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर हमला किया।
माकपा नेता येचुरी भी जेएनयू से पढ़े हैं। उन्होंने यहां से अर्थशास्त्र में एमए किया है। बाद में उन्होंने इकनॉमिक्स में पीएचडी के लिए जेएनयू में दाखिला लिया था लेकिन आपातकाल के दौरान उनकी गिरफ्तारी होने के कारण यह पूरा नहीं हो सका। कल माकपा के वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी लगातार तीसरी बार पार्टी के महासचिव चुने गए। इसी दिन जेएनयू में बवाल हो गया। जेएनयू हंगामे पर दोनों तरफ से अपने-अपने दावे किए जा रहे हैं। दरअसल, जेएनयू के कुछ छात्रों का आरोप है कि हवन के दौरान वाम दलों के छात्रों ने रुकावट पैदा की। लेफ्ट संगठन से जुड़े छात्रों ने आरोप लगाया कि एबीवीपी के छात्रों ने राम नवमी पर नॉन वेज खाना परोसने से रोका। एबीवीपी जेएनयू के ट्विटर हैंडल से कई वीडियो शेयर किए गए हैं। एबीवीपी का आरोप है कि जेएनयू के दिव्यांग स्टूडेंट को भी जेएनयू कैंपस में पीटा गया और उसके कपड़े फाड़ दिए गए।











