आगरा। केंद्रीय संस्कृति मंत्री मीनाक्षी लेखी के ने सीकरी की मुगलिया स्मारकों में सामूहिक योग कार्यक्रम में भाग लेकर महिलाओं को योग करने का संदेश दिया।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि देश में महिला पुरुषों का अंतर नहीं था। प्राचीन भारत में ऋषि कन्याएं होती थी। वेदों की ऋचाएँ भी महिला द्वारा ही रची गई है। हमारी संस्कृति में महिला पुरुषों की बराबरी रही है। अंतर तो बाद के समय में आया और हमारी जिम्मेदारी है कि इस अंतर को खत्म किया जाए। महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि योग के क्षेत्र में महिलाएं आगे आए और योगिनी बने। अपने परिवार में योग कराएं सबको निरोगी बनाएं।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारत की धरोहर का संरक्षण हमारे हाथ में है। परंपराओं को जीवित रखे। भारत का योग दुनिया के लिए अनुपम उपहार है। योग से मन मस्तिष्क और तन स्वस्थ रहता है। दीवाने आम परिसर में आयोजित सामूहिक योग कार्यक्रम में योगाचार्य गिरधारी लाल ने प्राणायाम ,भ्रामरी, नाड़ी शोधन प्राणायाम के साथ मर्कटासन, हलासन, अर्धमत्स्येंद्रासन व कई अन्य आसन योग क्रिया कराई और इन के लाभ बताएं तत्पश्चात केंद्रीय मंत्री ने डाक बंगला परिसर में जामुन व अन्य प्रकार के कई पौधों का रोपण किया।
इस मौके पर अधीक्षण पुरातत्वविद डॉक्टर आरके पटेल, उप अधीक्षण पुरातत्व अभियंता राज नारायण, संरक्षण सहायक दिलीप सिंह, कमांडर नागेंद्र सिंह, विनोद सांवरिया ,राहुल घाटी,सत्य प्रकाश मंगल, अरविंद सिंह रितिक गोयल, जितेंद्र कुमार सोलंकी आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
लोक अदालत वाले नोटिस तामीला पर विशेष ध्यान दें, विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव ने दिए निर्देश
आगरा। 11, 12 और 13 मार्च को आयोजित विशेष राष्ट्रीय लोक अदालत और 14 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय...











