आगरा। पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय का देर रात निधन हो गया है। कई दिनों से उनका स्वास्थ्य खराब चल रहा था। वह आगरा के रेनबो अस्पताल में भर्ती थे। पूर्व मंत्री के निधन की खबर सुनकर उनके समर्थकों की आंखें नम हैं।
रामवीर उपाध्याय का अंतिम संस्कार शनिवार (आज) सायं 4 बजे हाथरस में उनके पैतृक गांव बामौली में होगा ।
उनके पार्थिव शरीर को सुबह 10 बजे आगरा आवास से हाथरस ले जाया जायेगा और वहां दोपहर 12 बजे हाथरस लेबर कॉलोनी पार्क में अंतिम दर्शन हेतु रखा जायेगा । अंतिम दर्शन के बाद शाम 4 बजे उनके पैतृक गाँव बामौली में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा ।
उत्तर प्रदेश में रामवीर उपाध्याय को ब्राह्मणों का बड़ा नेता माना जाता था। रामवीर उपाध्याय बसपा सरकार में ऊर्जा मंत्री रहे थे। प्रदेश के बेहद शक्तिशाली नेता के तौर पर वे जाने जाते थे। कुछ समय पहले बसपा सुप्रीमो मायावती ने उनका पार्टी से निष्कासन कर दिया था। इसके बाद वे भारतीय जनता पार्टी में आ गए थे। विधानसभा चुनाव में वह सादाबाद से खड़े भी हुए थे, लेकिन लोकदल प्रत्याशी ने उन्हें हरा दिया था।
रामवीर उपाध्याय की पत्नी सीमा उपाध्याय भी फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्र से सांसद रही हैं। रामवीर उपाध्याय के निधन की खबर सुनकर उनके आवास पर समर्थकों की भीड़ पहुंच रही है। राजनीतिक गलियारों में भी शोक की लहर छाई हुई है। रामवीर उपाध्याय वर्ष 1996, 2002, 2007, 2012, 2017 में विधानसभा चुनाव जीते थे। पिछले विधानसभा चुनाव में वह महज 6 हजार मतों से हारे थे। चुनाव के दौरान भी उनका स्वास्थ्य खराब था।
राजनीतिक जानकारों ने रामवीर उपाध्याय के बारे में बताया कि जिस समय सादाबाद विधानसभा क्षेत्र मथुरा में आती थी, उस समय ब्राह्मण समाज के मतदाता दूसरे नंबर पर आते थे। 1977 में जनता पार्टी से हुकुमचंद तिवारी ने जीत हासिल की थी। वर्ष 2017 में 40 वर्ष के बाद रामवीर उपाध्याय ने यहां का इतिहास बदला और दूसरी बार ब्राह्मण चेहरे के रूप में विधायक बने थे। रामवीर उपाध्याय बहुजन समाज पार्टी में करीब 25 साल तक रहे थे। 15 जनवरी को ब्रज क्षेत्र के अध्यक्ष रजनीकांत माहेश्वरी ने शास्त्रीपुरम स्थित उनके आवास पर उन्हें भाजपा की सदस्यता दिलाई थी। हाथरस को जिला बनाने में भी उन्हीं का श्रेय रहा था।











