-गौरव प्रताप सिंह-
आगरा। डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति के पास मुख्यमंत्री कार्यालय से फर्जी वेरिफिकेशन को लेकर फोन आया है, जिसके बाद विश्वविद्यालय में खलबली मच गई है। देर रात दो बाबू को अन्य संस्थानों में स्थानांतरण किया गया है। इसमें एक बाबू वह है जिसको आज तक कोई भी नहीं हटा पाया था।
बता दें कि विश्वविद्यालय में एक रैकेट है जो कि बाहर से बाहर फर्जी वेरिफिकेशन कर भेज देता है। विशेष सूत्रों का कहना है कि मथुरा के बेसिक शिक्षा कार्यालय से एक वेरिफिकेशन आया था। इसे बाहर से बाहर कर भेज दिया गया। वेरिफिकेशन करने के नाम पर पैसे भी दिए गए मामले में मुख्यमंत्री से शिकायत हुई। मुख्यमंत्री कार्यालय से कुलपति प्रोफेसर आशु रानी के पास फोन आया। फोन पर कहा गया कि विश्वविद्यालय की हालत बहुत खराब है। विश्वविद्यालय उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा जो भ्रष्टाचार में लिप्त रहते हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने कुलपति को कई ऑडियो भी उपलब्ध कराई है जिसमें पैसे लेकर वेरिफिकेशन किए जा रहे हैं। कुलपति ने अधिकारियों को बुलाकर उनसे बात की। इसके बाद उन्होंने फिलहाल दो बाबुओं का स्थानांतरण दो अलग-अलग संस्थानों में करा दिया है। एक को आईबीएस दूसरे को आईएसएस में भेजा गया है।











