आगरा। एक सर्राफ ने असली चांदी के आभूषण भेजे थे। दूसरी तरफ से पेमेंट के रूप में उसे नकली चांदी के टुकड़े मिले। मामले में कोरियर कंपनी के खिलाफ कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
किनारी बाजार में सिद्धिदात्री ज्वैलर्स के मालिक पंकज अग्रवाल ने बताया कि उनके पास केतन सोनी नाम के व्यक्ति ने फोन किया था। उसने बताया कि अहमदाबाद के कृष्ण ज्वैलर्स फर्म से बोल रहा है, उसे आभूषण खरीदने हैं। अपरिचित फर्म होने के कारण पंकज अग्रवाल ने बिना एडवांस पेमेंट के माल भेजने से इनकार कर दिया। इस पर केतन सोनी ने किनारी बाजार में पीतांबरा एक्सप्रेस सर्विस कोरियर कंपनी के मालिक राजकुमार सिंह सिकरवार उर्फ राजू नाम लेते हुए कहा कि वह उन्हें जानते हैं। उसने उनका मोबाइल नंबर भी दिया। सर्राफ का आरोप है कि जब उन्होंने कोरियर कंपनी संचालक राजू से बात की तो उन्होंने पेमेंट कराने का भरोसा दिया था। उन्होंने पहले 2.56 लाख हजार के आभूषण भेजे। कोरियर संचालक ने माल के बदले चांदी मिल जाने की बात कन्फर्म कर दी तो सर्राफ ने दूसरी ओर से 2.25 लाख रुपए के आभूषण और भेज दिए। जब पेमेंट के रूप में सर्राफ के पास नकली चांदी आई तो उनके होश उड़ गए। आरोपी केतन सोनी ने अपना नंबर बंद कर लिया। कोरियर कंपनी संचालक राजकुमार ने भी भरोसा देकर धोखा दे दिया। इसके बाद सर्राफ अहमदाबाद गए तो वहां जिस फर्म का नाम लिया जा रहा था, वह कही नहीं मिली। इंस्पेक्टर कोतवाली विजय सिंह चंदेल ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।











