आगरा। साहित्य संगीत कला की साधना का ऐसा संगम ताज नगरी की धरती पर देशी और विदेशी कलाकारों की प्रतिभा में देखने को मिला जो अनोखा था। आठ वें अंतर्राष्ट्रीय ताज रंग महोत्सव का आगाज डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय के जुबली हॉल में दुनियां भर के कई देशों से आए कलाकारों की मौजूदगी के बीच हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ कला के देवता नटराज एवं मां सरस्वती के चित्र के समक्ष कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर आशु रानी, नटरांजलि थिएटर आर्ट की डायरेक्टर अलका सिंह, कार्यक्रम के मार्गदर्शक डॉ. आनंद टाइटलर ने किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ अंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर आशुरानी ने कहा साहित्य , संगीत और कला के बिना व्यक्तित्व की कल्पना भी निरर्थक है। हमारे देश में हमारी संस्कृति सभ्यता और संस्कार कला के प्रोत्साहन के लिए सदैव अग्रसर रहते हैं। इस मौके पर उन्होंने देश-विदेश से आए नन्हे मुन्ने कलाकारों का खूब उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा ताज रंग महोत्सव के माध्यम से देश-विदेश की संस्कृति कला का आदान-प्रदान हो रहा है इस तरह के कार्यक्रम वसुदेव कुटुंबकम की भावना को और मजबूत करते हैं।
कलाकारों की प्रस्तुति ने मोहा मन
नटरांजलि थिएटर आर्ट द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय ताज रंग महोत्सव में नृत्य संगीत एवं नाटक प्रस्तुति देख कला प्रेमी अचंभित हुए।
फिरोजाबाद के संदेश सांस्कृतिक मंच के कलाकारों द्वारा पंछी नाटक का मंचन किया गया । इसके उपरांत शास्त्रीय कला, लोक कला एवं सांस्कृतिक कला के कई रंग ताज रंग महोत्सव में देखने को मिले। जगन्नाथ नृत्य, नेपाल का पहाड़ी नृत्य और दूरदर्शन कलाकार के कथक नृत्य ने दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।
इन कलाकारों ने दी प्रस्तुतियां
सबसे पहले नन्ही परी के रूप में धनबाद से आई पांच वर्षीय बालिका कनक ने “जय जय हे महिषासुर मर्दिनी” संगीत पर अद्भुत नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। इसके उपरांत दिल्ली से आई लोक कलाकार आकाशवाणी कथक गुरु ज्योति का नृत्य देखते ही बना। हाथरस की नन्ही बच्ची गौरी वर्मा की अद्भुत नृत्य कला भी देखने लायक थी। नेपाल की कृतिका और अन्य कलाकारों ने पहाड़ी नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।दिल्ली से आई ज्योति के कत्थक ने सबका मन मोह लिया।हाथरस गोट टैलेंट की गौरी ने जबरदस्त नृत्य प्रस्तुत कर सबको सम्मोहित कर दिया।झूठ बोल कौवा काटे पर नन्ही परी ने ऐसी प्रस्तुति दी कि हर कोई देखता रह गया।इंडोनेशिया ने कलाकारों ने अपने देश की पारंपरिक प्रस्तुति दी।
कुचपूडी नृत्य बना आकर्षण का केंद्र
ताज रंग महोत्सव के मंच पर पहली बार आंध्र प्रदेश का लोक नृत्य कुचपूडी नृत्य आगरा की दो नन्हीं बेटियों ने प्रस्तुत कर दर्शकों की जमकर तालियां बटोरी। इस नृत्य में आंखों की भाव-भंगिमा देखते ही बनती है।
ताज रंग महोत्सव के मंच पर नारी शक्ति को मिला सम्मान
अंतर्राष्ट्रीय ताज रंग महोत्सव के मंच पर साहित्य संगीत और कल के क्षेत्र में विशेष कार्य करने वाली सात महिलाओं को सम्मानित कर प्रदान किया गया। डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर आशुरानी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय रोशन लाल गुप्ता करुणेश की धर्मपत्नी स्वर्गीय राम लता गुप्ता की स्मृति में आदर्श नंदन गुप्ता के सहयोग से इन महिलाओं को प्रदान किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में नारी सशक्तिकरण और समाज सेवा के क्षेत्र में कार्यरत मातृशक्ति को नारी गौरव सम्मान से नवाजा गया। डॉ. मधु भारद्वाज हिंदी साहित्य, डॉ. मंजू गुप्ता समाजसेविका एस्ट्रोलॉजर, सुमन सुराना अध्यक्ष हेल्पिंग हैंड फाउंडेशन, हेमा शर्मा संगीत कार्यक्रम एंकरिंगचारु पटेल शिक्षा के क्षेत्र में, फातिमा खान समाज सेवा के क्षेत्र में।
इनकी रही सहभागिता
समाजसेवी डॉ.विजय किशोर बंसल के मार्गदर्शन में आयोजित ताज रंग महोत्सव में कार्यक्रम संयोजक अलका सिंह, डॉ. आनंद टाइटलर, नितेश शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार आदर्श नंदन गुप्ता, डॉ. भानु प्रताप सिंह, रेणुका डंग, रोहित कत्याल, अनीता दुबे, लालाराम तेनगुरिया सहित बड़ी संख्या में साहित्य और कला प्रेमी मौजूद रहे।










