आगरा। आगरा कमिश्नरेट में इस समय एक थानाध्यक्ष का थैला प्रकरण सुर्खियों में छाया हुआ है। चर्चाएं हैं कि थैले में मोटी रकम गई है। अगर जांच निष्पक्ष तरीके से हुई तो जांच रिपोर्ट चौंकाने वाली हो सकती है। जांच में अभी तक यह सामने निकलकर आया है कि थैला भी गया है और दरोगा की गाड़ी भी गई है। सिर्फ रकम की बात स्पष्ट होना बाकी रह गया है।
बता दें कि एक रील वायरल हुई थी, जिसमें गाड़ी के डैशबोर्ड पर नोटों की कई गड्डियां पड़ी हुई दिखाई दे रही हैं। चर्चाएं हैं कि थानाध्यक्ष का कारखास जो बैग लेकर गया था, उसी में से कुछ गड्डियां निकाल कर डैशबोर्ड पर रखी गई थी और रील बनाई गई थी। इस मामले में कितनी सच्चाई है यह तो जांच होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल मामले में गंभीरता से जांच चल रही है। पूरे उत्तर प्रदेश में मामला सुर्खियों में छाया हुआ है। क्राइम मीटिंग में पुलिस कमिश्नर भी मामले को लेकर नाराज हुए हैं। पुलिस कमिश्नर ने एसीपी फतेहाबाद को जल्द से जल्द जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि अभी तक जांच में यह सामने आया है कि दरोगा की गाड़ी को कारखास सुमित गुर्जर और एक प्राइवेट व्यक्ति सतीश ले गए थे। वह एक थैला भी ले गए थे। वह दोनों गोलमोल बात कर रहे हैं। लेकिन दरोगा द्वारा थैले में बहुत मोटी रकम बताई जा रही है। राशि सुनकर सभी हैरान रह जाएंगे। इधर थानाध्यक्ष अभी छुट्टी पर हैं। इसलिए उनके बयान नहीं हुए हैं। रविवार को उनके आने की संभावनाएं हैं। सवाल यह भी खड़े हो रहे हैं कि कारखास और प्राइवेट व्यक्ति दोनों मिलकर थैले को लेकर क्यों गए थे? आखिर उस थैले में ऐसा क्या था? दरोगा द्वारा अपनी गाड़ी ले जाने की जो बात बताई जा रही थी वह सही साबित हो रही है।











