आगरा। भ्रष्टाचार को लेकर कोई भी समझौता नहीं होगा। जो पुलिसकर्मी विभाग की छवि खराब करेंगे, अपराधियों के साथ में उनकी संलिप्तता पाई जाएगी, उन्हें जेल भेजा जाएगा। जनता की सुनवाई नहीं करने वाले थाना प्रभारी भी अपनी कुर्सी से हटेंगे। यह बातें पुलिस कमिश्नर जे रविंदर गौड ने पत्रकार वार्ता में कहीं।
पुलिस कमिश्नर जे रविंदर गौड 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वह आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि ट्रेनिंग लेने के बाद वह नोएडा और बनारस में एएसपी रहे। इसके बाद बलरामपुर, गोंडा, उन्नाव, लखनऊ, बरेली, मेरठ, मुरादाबाद में कप्तान रहे। डीआईजी पद पर प्रोन्नत होने के बाद वह एसआईटी में चले गए। इसके बाद आजमगढ़ मिर्जापुर में डीआईजी रहे। गोरखपुर में आईजी रेंज रहे। उन्होंने बताया कि शांति व्यवस्था कायम करना, क्राइम कंट्रोल करना, पर्यटक को कोई परेशानी ना हो, उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। शहर में ट्रैफिक समस्या को दूर करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। वह पूरे प्रयास करेंगे की आम जनता को ट्रैफिक जाम से निजात मिले। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि थाना प्रभारी को जनसुनवाई अच्छे तरीके से करनी होगी। अगर वह जनसुनवाई सही तरीके से नहीं करेंगे तो उन्हें हटाया जाएगा। एक बात उन्होंने कड़े शब्दों में कही कि कोई भी पुलिसकर्मी अगर अपराधियों के साथ संलिप्त पाया गया तो उसको जेल भेजा जाएगा। जो भी पुलिसकर्मी विभाग की छवि खराब करने का काम करेंगे वे जेल भेजे जाएंगे। जमीनी प्रकरण के निस्तारण में उन्होंने कहा कि इसमें राजस्व से समन्वय स्थापित कर निस्तारण कराया जाएगा। पुलिस जमीनों के मामलों में हस्तछेप नहीं करेगी।
साफ छवि के पुलिसकर्मी बनेंगे प्रभारी
पिछले एक साल में देखा गया है कि कई दागी चेहरों को थाना प्रभारी बना दिया गया। कई ऐसे चेहरे थे जिनको प्रभारी बनता देखकर साथी पुलिसकर्मी भी हैरान थे। कोई दो बार का लाइन हाजिर था। कोई दो बार का सस्पेंड था। फिर भी उन्हें प्रभारी बनाया जा रहा था। राजनीतिक दबाव और एक व्यक्ति विशेष के दबाव में उन्हें प्रभारी बनाया गया। ऐसी चर्चाएं आम हैं। नए पुलिस कमिश्नर का कहना है कि वह साफ छवि के चेहरों को प्रभारी बनाएंगे। वह राजनीतिक दबाव मानेंगे या नहीं इस के सवाल पर वह बोले मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश है कि अधिकारी किसी के दबाव में ना रहें। जो नियम में हो वही करें।
कांस्टेबल को बनाया बीट का थानेदार
पुलिस कमिश्नर ने कांस्टेबल को उसकी बीट का थानेदार बनाया है। कांस्टेबल को अपनी बीट क्षेत्र में रहने वाले सभी लोगों की जानकारी अपने पास रखनी होगी। इसके साथ ही सीनियर सिटीजन से भी संवाद करना होगा। जिन सीनियर सिटीजन के बच्चे बाहर हैं और वह अकेले रह रहे हैं। उनसे पुलिसकर्मी यह पूछेंगे कि उनके यहां प्लंबर, गैस देने वाला कौन आ रहा है। कोई नया व्यक्ति तो नहीं आया था।
जगदीशपुरा कांड में फरार थानाध्यक्ष पर होगी कड़ी कार्रवाई
पुलिस कमिश्नर ने जगदीशपुरा कांड को लेकर कहा कि इसमें जो पुलिसकर्मी संलिप्त हैं उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विवेचक आशीष त्यागी, दरोगा शक्ति राठी जैसे पुलिस कर्मियों पर अभी तक कार्रवाई नहीं होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अधिकारियों की रिपोर्ट आने के बाद उन पर भी कड़ी कार्रवाई होगी।










