-गौरव प्रताप सिंह-
आगरा। फतेहपुर सीकरी रोड स्थित एक परीक्षा केंद्र संचालक पर छात्रों ने नकल के लिए जबरन पैसे मांगने के आरोप लगाए हैं। छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक से भी शिकायत की है। एक छात्र ने शिकायत की है कि पैसे नहीं देने का विरोध करने पर उत्तर पुस्तिका छीनकर केंद्र से भगाया जा रहा है। वहीं एक छात्र का कहना है कि उसकी आर्थिक स्थिति बहुत खराब है, वह नकल के लिए पैसे नहीं दे सकता है। इसलिए परीक्षा ही छोड़ रहा है।
24 जनवरी से विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षाएं चल रही हैं। परीक्षाओं का इस बार भी जमकर मजाक उड़ा रहा है। हर बार की तरह इस बार भी परीक्षाओं के बीच में ही केंद्र बदले जा रहे हैं। पहला पेपर किसी केंद्र पर हो रहा है और दूसरा किसी पर। दूसरा पेपर देने के लिए जब छात्र केंद्र पर पहुंचते हैं तो उन्हें सूचना दी जाती है कि रात में आपका केंद्र वहां बना दिया गया है। जल्दी से दौड़कर वहां जाओ नहीं तो परीक्षा छूट जाएगी। परीक्षाओं में नकल माफिया भी हावी हैं। उड़न दस्ते पूरे तरीके से नकल रोकने में फेल हैं। नकल माफिया से विश्वविद्यालय प्रशासन का गठजोड़ है। इस बात की चर्चाएं आम हैं।
नकल के लिए कॉलेज संचालकों द्वारा पैसे मांगे जाने की परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में शिकायत आना शुरू हो गई हैं। एक छात्र ने शिकायत की है कि वह आरसीएस मेमोरियल महाविद्यालय का छात्र है। उसके कॉलेज का परीक्षा केंद्र फतेहपुर सीकरी में बनाया गया है। छात्र का आरोप है कि परीक्षा केंद्र पर छात्रों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। जबरन पैसे मांगे जा रहे हैं। विरोध करने पर उत्तर पुस्तिका छीनकर बाहर भगाया जा रहा है। छात्र के विरोध करने पर उसे भी बाहर भगा दिया गया। परीक्षा केंद्र की जांच कराई जाने की छात्रा ने मांग की है। दूसरी ओर एक अन्य छात्र ने भी आरोप लगाया है कि कॉलेज संचालक के द्वारा प्रति पेपर नकल के नाम पर 500 रुपये मांगे जा रहे हैं। उसकी आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। वह इतने पैसे नहीं दे सकता। इसलिए उसे परीक्षा छोड़नी पड़ रही है। छात्र का यह भी कहना है कि कॉलेज संचालक दबंग प्रकृति का है। पूर्व में वह कई छात्रों से मारपीट कर चुका है। वह विश्वविद्यालय में भी अधिकारियों से अपनी अच्छी सेटिंग बताता है।
पूर्व में भी पैसे मांगे जाने के ऑडियो हो चुके वायरल
विश्वविद्यालय के परीक्षा केंद्रों पर पूर्व में भी नकल के लिए पैसे दिए जाने के कई मामले सामने आ चुके हैं। कई बार ऑडियो भी वायरल हुए हैं। एक कॉलेज संचालक तो छात्रा से फोन पे ही करने के लिए कह रहा था। कई बार तो पैसे नहीं देने पर छात्रों की पिटाई तक कर दी गई है। इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा ऐसे कॉलेजों को हर बार केंद्र बना दिया जाता है, जहां की शिकायत आती हैं। यही नहीं उन कॉलेजों को भी केंद्र बना दिया जाता है। जहां पर फर्नीचर तक नहीं होता। कई बार देखने को मिल चुका है कि छात्र जमीन पर परीक्षा देते हुए मिले हैं। एक ही सीट होने के चलते अपने पैर पर उत्तर पुस्तिकाएं रखकर उनके जवाब लिखते हैं। ऐसे कॉलेज संचालक विश्वविद्यालय में अधिकारियों और शिक्षकों को फील गुड कराकर हर बार केंद्र बनवा लेते हैं और फिर छात्रों से जमकर उगाही करते हैं। केंद्र बनाने में हर बार बड़े स्तर पर धांधली होती है।











