आगरा। पुलिस आयुक्त जे रविन्दर गौड का बीट प्रणाली मजबूत करने पर पूरा फोकस है। उन्होंने हर सिपाही को अपनी बीट का थानेदार बना दिया है। सिपाही अब बीपीओ (बीट पुलिस ऑफिसर) कहलाएंगे। बीट क्षेत्र की जिम्मेदारी उनके पास रहेगी। वह सारे सत्यापन करेंगे। प्रार्थना पत्रों की जांच भी करेंगे। कौन पाबंद होगा। कौन गुंडा बनना चाहिए। यह भी वह ही बताएंगे।
पुलिस कमिश्नर के द्वारा कमिश्नरेट में 1683 बीट बनाई गई हैं। सिटी जोन में 615 बीट हैं। देहात क्षेत्र में 1068 बीट बनाई गई हैं। अभी तक थानों में थाना प्रभारियों के चहेते सिपाही सारे काम किया करते थे। दूसरे सिपाहियों के पास ज्यादा जिम्मेदारियां नहीं थीं। उन्हें लगता था कि उनका काम सिर्फ इलाके में गश्त करना है। ताकि कोई घटना नहीं हो जाए। अब ऐसा नहीं होगा। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर बीट पुलिस ऑफीसर (बीपीओ) प्रणाली लागू की गई है। थाना क्षेत्र में क्या चल रहा है। यह जानने के लिए पुलिस आयुक्त सीधे बीपीओ से भी बातचीत कर सकते हैं। बीपीओ पासपोर्ट, किराएदार, शस्त्र लाइसेंस, चरित्र प्रमाण पत्र आदि का सत्यापन करेंगे। न्यायालय से प्राप्त होने वाले नोटिस और सम्मन आदि तामील कराएंगे। शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 107/117, 151, 133 की कार्रवाई करेंगे। क्षेत्र में सभी अवैध धंधों पर अंकुश लगाएंगे।











