आगरा। 50 लाख की फिरौती के लिए जौनपुर के कारोबारी का अपहरण हुआ था। कारोबारी को पिनाहट के जंगल में बंधक बनाकर रखा गया था। पुलिस और एसओजी ने व्यापारी को मुक्त कराया है। एक बदमाश पकड़ा गया है।
15 मार्च को आगरा फोर्ट के पास से जौनपुर के कारोबारी रामआसरे का अपहरण हो गया था। रामआसरे का सूरत (गुजरात) में बर्फ फैक्ट्री में लगने वाली मशीन का कारोबार है। उन्हें बहाने से परिचित ने बुलाया था।
डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने बताया कि नीलेश उनके पार्टनर हैं। रामआसरे पूर्व में बर्फ फैक्ट्री की मशीन सही करते थे। पिनाहट निवासी विजय तोमर सूरत में उनके अधीन काम करता था। वह वहां से काम छोड़ आया। विजय तोमर ने उन्हें फोन किया। बताया कि उसके गांव में एक बर्फ फैक्ट्री है। मशीन में कुछ गड़बड़ी है। सही होने पर वह उन्हें 50 हजार रुपये दिला देगा। मशीन सही नहीं हो पाई तो पूरी मशीन बदलने का ठेका उन्हें दिला देगा। रामआसरे अपने भांजे प्यारे मोहन के साथ 15 मार्च को आगरा आए। आगरा फोर्ट स्टेशन पर उतरे। विजय तोमर और उसका एक साथी अलग-अलग बाइक से स्टेशन पर आए। विजय ने उन्हें अपनी बाइक पर बैठा लिया। उन्हें लेकर चल दिया। उनके भांजे को बदमाश ने रिक्शे में बैठा दिया। खुद वहां से बाइक लेकर फुर्र हो गया। विजय उन्हें गांव ले गया। वहां एक कमरे में बंद कर दिया। उसके साथ दो और युवक थे। एक रात कमरे में रखने के बाद आरोपित उन्हें एक खेत में ले गए। वहां एक कोठरी में रखा। उन्हें धमकाया। बदमाशों के कहने पर उन्होंने अपने पार्टनर को 50 लाख की फिरौती का फोन किया। फिरौती का फोन पहुंचने पर सूरत निवासी नीलेश ने रामआसरे के बेटे अजय कुमार को घटना की जानकारी दी। बेटा आगरा आया और पुलिस से मिला। तहरीर के आधार पर फिरौती के लिए अपहरण की धारा के तहत मुकदमा लिखा गया। डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि एसीपी सदर पियूष कांत के नेतृत्व में रकाबगंज थाना पुलिस और सिटी एसओजी पिनाहट पहुंची। वहां देर रात पुलिस ने रामआसरे को मुक्त कराया। एक बदमाश को पकड़ा। बदमाश ने अपना नाम पप्पू बताया। वह गांव गुरावली (पिनाहट) का निवासी है। पूछताछ में उसने अपने साथियों के नाम बताए हैं। उनकी तलाश की जा रही है। बरामद करने वालों में इंस्पेक्टर शैली राणा, एसआई मोहित कुमार, एसओजी प्रभारी हरीश शर्मा आदि शामिल रहे।











