आगरा। महिला दरोगा को अपने कमरे में सुलाने का दबाव बनाने वाला इंस्पेक्टर दुर्गेश मिश्रा निलंबन की भनक लगने और मुकदमा दर्ज न हो जाए इस डर से पहले ही छुट्टी भाग गया है। विभाग में चर्चाएं हैं कि उसे डर था कि अगर मुकदमा दर्ज हो गया तो कहीं गिरफ्तारी न हो जाए। इसलिए पहले ही निकल गया। अगर मुकदमा दर्ज होता है तो वह गैर हाजिर बना रहेगा।
महिला दरोगा ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की थी कि 14 मार्च को उसने थाने में आमद कराई थी। इंस्पेक्टर ने उसे अश्लील मैसेज भेजना शुरू कर दिया। वह जब भी थाने में अकेले देखते उसके साथ अश्लील हरकतें करते हैं। होली के दिन उसे जबरन पकड़ लिया और किस करने लगे। जब उसने मना किया तो धमकाते हुए बोले अगर तुमने मेरी बात नहीं मानी और किसी से कुछ कहा तो तुम्हारी रिपोर्ट दे दूंगा। तुम्हारी नई नौकरी है छूट जाएगी। महिला दरोगा का आरोप है, इंस्पेक्टर उसे अपने कमरे पर आने के लिए कहते हैं। वह बोलते हैं मेरे कमरे में एसी है, वही सोया करो। जब महिला दरोगा ने बाहर कमरा लेना चाहा तो इंस्पेक्टर ने रपट लिख दी और कहा तुम थाने में ही रहोगी। इंस्पेक्टर ने उसे यह भी कह दिया है तुम कहीं शादी नहीं करोगी। मेरे साथ ही रहोगी। मैं तुमसे शादी करना चाहता हूं। महिला दरोगा ने शिकायत में कहा है कि जब वह छुट्टी पर गई थी तो गलत तरीके से इंस्पेक्टर ने उसकी लोकेशन भी निकाली है। इंस्पेक्टर उसका मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न करते हैं। वह अनुसूचित जाति की है। इसलिए उसे उल्टा सीधा भी बोलते हैं। पुलिस कमिश्नर ने एसीपी एत्मादपुर सुकन्या शर्मा को मामले की जांच सौंपी। प्रथम दृष्ट्या उन्होंने आरोप सही पाए। इधर मामला लखनऊ तक भी पहुंच गया। पुलिस कमिश्नर उसे निलंबित करने वाले थे। इस बात की भनक इंस्पेक्टर दुर्गेश मिश्रा को लग गई। वह 12:05 पर छुट्टी भाग गए। थाने में चर्चाएं हैं कि इंस्पेक्टर को लगा था अगर मुकदमा दर्ज हो गया तो कहीं अधिकारी गिरफ्तार कर जेल ना भेज दें। इसलिए वह पहले ही निकल गए। इधर इंस्पेक्टर के निलंबन के बाद थाने की महिला पुलिसकर्मियों में खुशी की लहर है।











