आगरा। शनिवार को विजिलेंस टीम ने मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक राम प्रताप शर्मा को घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। मेरठ कोर्ट में उन्हें पेश किया गया था जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। विजिलेंस की इस कार्रवाई से भ्रष्टाचारियों की नींद उड़ी हुई है। इधर गुरुवार को विजिलेंस अधिकारियों ने दो अधिकारियों सहित दो बाबुओं को पूछताछ के लिए बुलाया। काफी देर तक उनसे पूछताछ चली।
आवास विकास कालोनी सेक्टर तीन के रहने वाले अजयपाल सिंह, भोगीपुरा स्थित डीसी वैदिक इंटर कालेज में सहायक अध्यापक हैं। उनकी नियुक्ति के संबंध में शिकायत हुई थी। दो महीने का उनका वेतन रुका हुआ था। मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक राम प्रताप शर्मा के नेतृत्व में समिति द्वारा इसकी जांच की जा रही थी। सहायक शिक्षक ने विजिलेंस में शिकायत की थी कि मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक द्वारा 10 लाख रुपये घूस जांच को उसके पक्ष में निस्तारित करने को मांगी गई थी। शिक्षक ने साक्ष्य के रूप में आडियो रिकार्डिंग दी थी। शनिवार शाम करीब साढ़े सात बजे मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक राम प्रताप शर्मा को कार्यालय के पास उनकी कार में शिक्षक ने तीन लाख रुपये घूस दी थी। विजिलेंस टीम ने आरोपित को घूस की रकम समेत दबोच लिया। रविवार को मेरठ विजिलेंस कोर्ट में पेश किया किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। गुरुवार को एसपी विजिलेंस ने दोनों डीआईओएस सहित पेंशन बाबू और फाइल बाबू को पूछताछ के लिए बुलाया। इनसे कई बिंदुओं पर पूछताछ की गई। बाबुओं की बोलती बंद रही। स्टेनो को भी बयान देने के लिए बुलाया गया था। वह अभी तक आया नहीं है। वह शनिवार से ही गायब चल रहा है।
बिना पैसे के विभाग में नहीं होता काम
शिक्षा विभाग में बिना पैसे के किसी का कोई काम नहीं होता है। यहां पर बाबुओं का बड़ा कॉकस है। सूत्रों की मानें तो कुछ अधिकारी भी भ्रष्टाचार में डूबे रहते हैं। विजिलेंस की इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। कुछ तो दो-तीन दिन से पैसा लेने में भी डर रहे हैं। वह आपस में एक ही चर्चा कर रहे हैं कुछ ऐसा हो जाए कि विजिलेंस अब यहां ना आए।