आगरा। उत्तर भारत का पारंपरिक श्रीरामलीला महोत्सव 17 सितंबर से प्रारंभ होगा, जबकि प्रभु श्रीराम की भव्य बरात 28 सितंबर को निकाली जाएगी। इसमें प्रभु श्रीराम रजत (चांदी) के 45 वर्ष प्राचीन रथ पर सवार होंगे। इस वर्ष रथ को नए सिरे से तैयार कराया जा रहा है। सर्राफा कारोबारी दीनदयाल उपाध्याय एंड संस के यहां नए रथ पर चांदी की पर्ते चढ़ाने का काम तेजी से किया जा रहा है। दुबई के राम मंदिर की तर्ज पर जनक महल तैयार किया जाएगा। अभी तक के सबसे बड़े जनक महल का काम कोठी मीना बाजार में शुरू हो गया है। कोलकाता के शो कारीगर जनक महल तैयार करने में जुटे हुए हैं।
श्रीरामलीला कमेटी के महामंत्री राजीव अग्रवाल ने बताया कि प्रभु श्रीराम अपनी बरात में जिस रजत भव्य रथ पर सवार होंगे, वह 45 वर्ष प्राचीन होने के कारण थोड़ा जर्जर हो गया था इसलिए इस वर्ष रथ को नए सिरे से तैयार कराया जा रहा है। लकड़ी के नए रथ पर चांदी की पर्तें लगाई जा रही हैं। इस कार्य में करीब एक महीने का समय लगेगा। इस कार्य को कर रहे दीनदयाल उपाध्याय एंड संस को रथ 20 सितंबर तक लौटने का लक्ष्य दिया गया है, इसलिए कारीगर काम को पूरा करने में लगे हैं। इस वर्ष रथ विशेष आभा बिखेरेगा।











