आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर पर बाल रोग विभाग में भर्ती 11 साल की बालिका से गलत हरकत करने का मामला सामने आया है। मामले में थाना एमएम गेट में तहरीर दी गई। पुलिस ने जूनियर डाक्टर दिलशाद हुसैन के विरुद्ध दुष्कर्म व पाक्सो एक्ट की धारा में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. प्रशांत गुप्ता ने बताया जूनियर डाक्टर को निलंबित कर दिया है।
शाहगंज क्षेत्र की 11 वर्ष की बालिका को 45 दिन से तेज बुखार था। मां ने बताया कि निजी अस्पताल में उपचार से लाभ नहीं होने छह सितंबर को बेटी को एसएन इमरजेंसी में भर्ती कराया। बेटी को आइसीयू से नौ सितंबर को जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया। वह बेटी की तीमारदारी काे वार्ड में थीं। मंगलवार रात को अपने कपडे बदलने वार्ड से बाहर गई थीं। इसी दौरान डा. दिलशाद हुसैन ने बेटी को चेकअप के बहाने वार्ड के बराबर अपने कमरे में बुला लिया। रात 11:55 बजे बेटी डाक्टर के चैंबर से चीखती हुई आकर उनसे लिपट गई। बताया कि डाक्टर ने चेकअप के दौरान सलवार में हाथ डाल गलत हरकत की है। डाक्टर से बैड टच बताया तो कहने लगा जांच कर रहा है। पीड़िता की मां ने चाइल्डलाइन हेल्पलाइन नंबर पर इस बात की शिकायत की। सूचना पर आई पुलिस को एसएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने यह कहकर भेज दिया कि वह मामले को दबा देंगे।
पीड़िता की मां ने मेडिकल कालेज प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।बालिका की मां ने बताया कि रात में कालेज प्रशासन की ओर से उन्हें और पति को नौकरी देने का प्रलोभन दिया गया। मेडिकल कालेज में गार्ड की नौकरी करने वाले उनके एक सगे संबंधी को प्रोन्नति देने को कहा गया। उनसे कहा गया कि बेटी के बड़ी होने पर उसकी शादी में दिक्कत आएगी। मुकदमा दर्ज होने के बाद उसे समस्या आएगी। मां ने बताया छठवीं में पढने वाली बेटी अपनी कापी-किताब साथ लेकर गई थी। उसकी हालत में सुधार हो रहा था। अपने साथ हुई घटना से वह सदमे में है। मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक पीड़िता के माता-पिता पर दबाव बनाने का प्रयास किया जाता रहा। इसी बीच पीड़िता के एक परिचित ने बजरंग दल के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर घटना की जानकारी दी। बुधवार दोपहर दो बजे ब्रज प्रांत संयोजक दिग्विजयनाथ तिवारी, उपाध्यक्ष सुनील पाराशर और विभाग मंत्री राजीव शर्मा समेत अन्य पदधिकारी पीड़ित परिवार को लेकर थाने पहुंचे। विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री करन गर्ग भी एसएन पहुंच गए।
बालिका की मां की तहरीर पर पुलिस ने पाक्सो एक्ट के अलावा भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 (2) और 65 (2) में मुकदमा दर्ज किया है।
धारा 64(2): विशिष्ट गंभीर परिस्थितियों को संबोधित करती है, जहां सजा गंभीर होती है। इसमें अस्पताल के प्रबंधन या कर्मचारी द्वारा किसी मरीज के साथ दुष्कर्म करना है। इस धारा में कम से 10 वर्ष का सश्रम कारावास है, जिसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है। धारा 65(2): 12 वर्ष से कम आयु की बालिका से दुष्कर्म करने पर कम से कम 20 वर्ष का कठोर कारावास है। एसीपी कोतवाली आनंद पांडे ने बताया कि आरोपी चिकित्सक की गिरफ्तारी कर ली गई है।











