आगरा। डौकी थाने की कबीस चौकी में पूछताछ के दौरान व्यक्ति की हुई मौत के मामले में पुलिस कमिश्नर के द्वारा थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इधर डीसीपी पूर्वी ने तीन दरोगा निलंबित हैं।
गढ़ी हैसिया, डौकी के रहने वाले 52 वर्ष के केदार सिंह गांव में ही आटा चक्की चलाते थे। केदार सिंह के भाइयों राम प्रसाद मान सिंह और अशोक ने बताया कि जीप में चार-पांच पुलिसकर्मी घर पहुंचे। केदार सिंह को गाड़ी में बैठाकर ले जाने लगे। स्वजन ने कारण पूछा तो पुलिसकर्मी बोले चौकी चलकर बताते हैं। केदार सिंह को बरौली अहीर मोड़ पर पुलिसकर्मियों ने गाडी में पीटना शुरू कर दिया। पीछे आते भाइयों ने पुलिसकर्मियों को टोका तो वह केदार सिंह को चौकी लेकर चले गए। स्वजन का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने चौकी पर केदार सिंह के मुंह में कपड़ा ठूंसकर बर्बरतापूर्ण तरीके से पीटा। शाम चार बजे उसकी हालत बिगड़ने के बाद मृत्यु हो गई। आक्रोशित भीड़ ने चौकी का घेराव करने के साथ आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर जाम लगाया था। इधर चौकी पुलिस अपनी वर्दी उतार कर सरसों के खेत में होकर भाग गई थी। भीड़ ने उसका काफी पीछा भी किया था। पुलिस अधिकारियों के कार्रवाई के आश्वासन के बाद वह शांत हुए थे। सांसद राजकुमार चाहर ने पुलिस कमिश्नर से बात करके दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस कमिश्नर जे रविंदर गौड ने प्रभारी डौकी तरुण धीमान को लाइन हाजिर कर दिया है। डीसीपी अतुल शर्मा ने चौकी इंचार्ज कबीस सिद्धार्थ चौधरी, उपनिरीक्षक शिव मंगल, उपनिरीक्षक रामसेवक को निलंबित कर दिया है।











