आगरा। राज्य कर विभाग के कार्यालय से शुक्रवार की शाम एंटी करप्शन ने जीएसटी सहायक आयुक्त के प्राइवेट कर्मचारी को रिश्वत लेते पकड़ा। एक व्यापारी का जीएसटी रजिस्ट्रेशन नंबर बंद होने पर उसे चालू कराने के एवज में पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। उसने एंटी करप्शन में शिकायत कर दी। एंटी करप्शन टीम ने ट्रैप कर युवक को पकड़ लिया। सिकंदरा थाने में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर संजय यादव ने बताया कि कहरई, ताजगंज निवासी अमर चंद शर्मा का ऑयल का काम है। उन्होंने शिकायत की थी कि उनका जीएसटी रजिस्ट्रेशन नंबर बंद हो गया है। उसे चालू कराने के एवज में प्राइवेट कर्मचारी मनीष कुमार पांच हजार रुपये मांग रहा है। प्राइवेट कर्मचारी मनीष कुमार जीएसटी सहायक आयुक्त प्रवेश कुमार के लिए काम करता है। प्राइवेट कर्मचारी जिन कामों के ठेके लेता है वह तत्काल हो जाते हैं। प्राइवेट कर्मचारी प्रतिदिन सरकारी कर्मचारी की तरह कार्यालय आता है। वहां ऑफिस में बैठता है। खुद को बाबू ही बताता है। शिकायत पर गोपनीय जांच कराई गई। जांच में यह बात सही निकली कि राज्य कर विभाग में प्राइवेट कर्मचारी का बोल-बाला है। वह काम के ठेके लेता है। शिकायत की पुष्टि के बाद रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया। पीड़ित को रिश्वत लेकर कार्यालय भेजा गया। जैसे ही कर्मचारी ने रिश्वत ली टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। आरोपित के पकड़े जाते ही कार्यालय में खलबली मच गई। इंस्पेक्टर के अनुसार कई लोग कार्यालय छोड़कर भाग गए। आरोपित के खिलाफ सिकंदरा थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। आरोपित को शनिवार को मेरठ स्थित एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया जाएगा।











