आगरा। नाई की मंडी थाने में अवैध शस्त्र और फर्जी लाइसेंस बनवाने के आरोप में दर्ज हुए मुकदमे की विवेचना अब एसटीएफ करेगी। यह विवेचना थाना पुलिस से एसटीएफ को ट्रांसफर हो गई है। एसटीएफ के पास विवेचना ट्रांसफर होने के बाद रैकेट के बीच में खलबली मच गई है। वहीं दूसरी ओर पीड़ित विशाल भारद्वाज का सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। इसमें वह बोल रहा है कि अगर आरोपियों के द्वारा उसकी हत्या कर दी जाती है तो आगरा पुलिस इसकी जांच ना करे, एसटीएफ करे। इसके पीछे कारण है कि आगरा पुलिस ने पीड़ित को बहुत परेशान किया है। इसलिए पीड़ित को आगरा पुलिस पर बिल्कुल भरोसा नहीं है।
नाई की मंडी थाने में 24 मई को अवैध शस्त्र और फर्जी लाइसेंस बनवाने के आरोप में सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज लगाने और आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें मोहम्मद जैद, नेशनल शूटर मोहम्मद अरशद, प्रापर्टी डीलर राजेश कुमार बघेल, भूपेंद्र सारस्वत, शिव कुमार सारस्वत, टीवी चैनल के पत्रकार शोभित चतुर्वेदी और सेवानिवृत्त असलाह बाबू संजय कपूर नामजद हैं। विशाल भारद्वाज ने 26 सितंबर 2024 को एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से अवैध विदेशी शस्त्रों की खरीद-फरोख्त और फर्जी लाइसेंस बनवाने वालों की शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि आरोपियों के संबंध जेल में बंद अपराधियों से भी हैं। फर्जीवाड़े की शिकायत के बाद से वह रंजिश मान रहे हैं। आरोपित भूपेंद्र सारस्वत और उनके साथी उसकी भाड़े के हत्यारों से जान से मरवाने की साजिश रच रहे हैं। विशाल भारद्वाज ने आरोप लगाया कि अलीगढ़ के कुख्यात सोनू गौतम को 20 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। वह आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। शूटर हरेंद्र राणा को पांच लाख रुपये एडवांस भी दे दिया गया था। सोनू गौतम ने जेल से उसके साथी को काल कर धमकी दी थी। उसका साथ नहीं देने की हिदायत भी दी। 19 सितंबर 2024 को एक अन्य ने भी विशाल को वाट्सएप एप काल कर सजग रहने के लिए कहा था। शिकायत में भूपेंद्र सारस्वत पर आरोप लगाए गए हैं। 12 मई 2024 को विशाल पर शास्त्रीपुरम स्थित गोल चक्कर पर कार में हमला हुआ था। हमलावरों ने हाथ-पैर तोड़ दिए थे। एसटीएफ ने मामले की जांच की। इसमें शिकायकर्ता ने लिखित बयान दिए कि भूपेंद्र सारस्वत और उसका साथ शोभित चतुर्वेदी विवादित जमीनों को खरीदते हैं। यह लोग शहर की महंगी जमीनें खरीदते हैं और सभी को अनैतिक लाभ पहुंचाते हैं। भ्रष्ट अधिकारी भी उनकी मदद करते हैं। जांच के बाद एसटीएफ ने अपनी रिपोर्ट छह मार्च 2025 को पुलिस आयुक्त को भेजी। पुलिस आयुक्त कार्यालय से अपर पुलिस आयुक्त कार्यालय और वहां से रिपोर्ट पुलिस उपायुक्त नगर के कार्यालय पहुंची। यहां से रिपोर्ट एसीपी हरीपर्वत के कार्यालय में पहुंची। यहां से सिकंदरा थाने पहुंची। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। पीड़ित के द्वारा मुख्यमंत्री से शिकायत किए जाने की बात कहे जाने के बाद बुधवार रात पत्रकार शोभित चतुर्वेदी, डॉक्टर अमित, भूपेंद्र सारस्वत और सोनू गौतम के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। इधर नाई की मंडी थाने में जो मुकदमा दर्ज हुआ था। इसकी विवेचना अब एसटीएफ करेगी।
पूर्व जिला अध्यक्ष की तहरीर पर जगदीशपुरा में हो रहा मुकदमा दर्ज
पूर्व जिला अध्यक्ष श्याम भदौरिया के पास भी एक विदेशी पिस्टल है। उनका कहना है कि उन्होंने यह आरोपित भूपेंद्र सारस्वत के पिता शिव कुमार सारस्वत से खरीदी थी। एसटीएफ इंस्पेक्टर ने उनसे कहा कि पिस्टल बेचने वाले से दस्तावेज मांग लें। उनके साथ भी धोखा हुआ है। श्याम भदौरिया के अनुसार उन्होंने शिव कुमार सारस्वत और उनके बेटे भूपेंद्र सारस्वत से पिस्टल के मूल कागजात मांगे। उन्हें नहीं दिए गए। आरोपियों ने हर बार कोई न कोई बहाना बना दिया। मामले में बुधवार रात उन्होंने जगदीशपुरा थाने में तहरीर दी थी। इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार ने बताया कि मामले में तीन-चार लोगों के खिलाफ आज मुकदमा दर्ज हो रहा है।
अगर मेरी हत्या होती है तो आगरा पुलिस नहीं करे जांच
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। यह विशाल भारद्वाज का बताया जा रहा है। इसमें वह बोल रहे हैं कि मैरे द्वारा गोरखपुर मठ में जाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के समक्ष एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था। जिसमें कहा गया था आगरा का बहुत बड़ा गिरोह फर्जी शस्त्र लाइसेंस तैयार करके विदेशी असलाह नकली खरीद परोख्त का धंधा करता है। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद आगरा एसटीएफ इकाई द्वारा इसकी जांच की गई। जब जांच का उक्त लोगों को पता चला तो शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया। जब शिकायत वापस नहीं ली तो पत्रकारिता की आड़ में दलाली कर रहे शोभित चतुर्वेदी, असलाह सप्लायर भूपेंद्र सारस्वत, फिजियोथैरेपिस्ट डॉक्टर अमित सिंह के द्वारा शास्त्रीपुरम गोल चक्कर पर जानलेवा हमला कराया गया। इसकी जांच भी पुलिस ने नहीं की। एनसीआर दर्ज कर लीपापोती कर दी गई। इसके बाद भी शिकायत वापस नहीं ली गई तो उक्त लोगों के द्वारा अपराधी सोनू गौतम को मेरी 20 लाख में सुपारी दी गई। इस बात की शिकायत भी मैंने लखनऊ जाकर की। यह लोग कभी भी मेरी हत्या करा सकते हैं। अगर यह लोग भविष्य में मेरी हत्या कराते हैं तो इसकी जांच जिला पुलिस से ना कराकर एसटीएफ से कराई जाए।
पीड़ित बोला धमकी वाले मुकदमे की विवेचना शोभित के मित्र को दी गई, फोटो वायरल
पीड़ित विशाल भारद्वाज का कहना है कि सिकंदरा थाने में जो धमकी का मुकदमा दर्ज हुआ है उसमें इंस्पेक्टर नीरज शर्मा ने मुकदमे की विवेचना शोभित चतुर्वेदी के मित्र दरोगा विवेक बालियान को दे दी है। उन्होंने एक फोटो भी जारी किया है। इसमें पत्रकार शोभित चतुर्वेदी और दरोगा विवेक बालियान सादा कपड़ों में हंसकर फोटो खिंचा रहे हैं। इधर इंस्पेक्टर ने मामले की विवेचना बदलने की बात कही है।

फाइल फोटो











