आगरा। सिकंदरा थाना क्षेत्र में तीन साल पहले सात वर्षीय भतीजी के साथ दुष्कर्म करने वाले चाचा को कोर्ट ने 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। 51 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है।
सिकंदरा थाने में 23 फरवरी 2022 को बेटी की मां की तहरीर पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हुआ था। मुकदमे के अनुसार 11 जनवरी 2022 को वह अपनी बड़ी बहन एवं उनकी सास के साथ रिश्तेदार की मृत्यु होने पर एक गांव में गई थीं। सात वर्षीय पुत्री को देवर एवं अन्य स्वजन के पास छोड़ गई थीं। शाम को घर आने पर बेटी बदहवास हालत में मिली। पूछने पर बेटी ने चाचा द्वारा दुष्कर्म किए जाने की जानकारी दी। इस बीच देवर घर से भाग गया। महिला ने पति और सास को पुत्री के साथ हुई वारदात के बारे में जानकारी दी, तो उन्होंने मां-बेटी को चुप करा दिया। दूसरे दिन सास पुत्री को इलाज के बहाने अपने साथ डीग ले गईं। मुकदमा दर्ज कराने की कहने पर पति, सास व देवर ने मां-बेटी को कमरे में बंद करके बेल्ट से पीटा। थाने जाने पर जान से मारने की धमकी दी। रिश्तों को दरकिनार कर महिला ने पति, सास के विरुद्ध बंधक बनाकर मारपीट करने व धमकी देने के साथ ही देवर के विरुद्ध दुष्कर्म की धारा में मुकदमा दर्ज कराया था। एडीजे-26 ने चाचा को दोषी पाते हुए 20 वर्ष कारावास एवं 51 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अदालत ने अर्थदंड की राशि में से आधी राशि पीड़िता को देने के निर्देश दिए।











