आगरा। एत्माउद्दौला थाना क्षेत्र में पांच वर्षीय बच्चे का अपहरण सगे चाचा ने किया था। दो लाख की फिरौती भी मांगी गई थी। इसमें उसके तीन साथियों ने भी उसका साथ दिया था। देर रात मेहताब बाग पर पुलिस की अपहरण में शामिल दो लोगों से मुठभेड़ भी हो गई। मुठभेड़ में दोनों के पैर में गोली लग गई। घायल बदमाशों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। आरोपी चाचा और उसका एक अन्य साथी अभी फरार हैं। पुलिस उन्हें पकड़ने के लिए दबिश दे रही है।
सुशील नगर एत्माद्दौला निवासी सोनू वर्मा की मोहल्ले में ही घर के पास राधे ज्वैलर्स के नाम से दुकान है। घर से 50 मीटर की दूरी पर स्थित मकान में सराफा व्यापारी के पिता निहाल सिंह व मां पदमा वर्मा रहते हैं। पदमा वर्मा शुक्रवार दोपहर सोनू वर्मा के घर आई थीं। करीब 1:15 बजे वह पैदल अपने घर के लिए चली गईं। उनके पीछे चार वर्षीय पौत्र जय वर्मा भी निकल गया, लेकिन वह घर नहीं पहुंचा। इस पर दादी ने बेटे के घर पहुंचकर जय वर्मा के बारे में पूछताछ की। दो घंटे तक पड़ोसियों व मोहल्ले में जय की तलाश की गई। जय के नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी। इंस्पेक्टर देवेंद्र दुबे ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर उच्च अधिकारियों को सूचना दी और बच्चे की तलाश शुरू कर दी। सीसीटीवी कैमरे में एक व्यक्ति बच्चे को ले जाते हुए कैद हुआ। उसकी पहचान बच्चे के चाचा गगन के रूप में हुई। उसने बच्चे के पिता से दो लाख की फिरौती भी मांगी। पुलिस का दबाव पड़ता हुआ देखकर आरोपी बच्चों को घर के पास ही छोड़ गए। देर रात मुखबिर के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली कि अपहरण में शामिल लोग मेहताब बाग के पास हैं। पुलिस ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की तो उन्होंने पुलिस के ऊपर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में दो बदमाश साबिर पुत्र ताज मोहम्मद निवासी प्रकाश नगर और सत्य प्रकाश उर्फ बबलू पुत्र प्रमोद निवासी प्रकाश नगर के पैर में गोली लग गई। इससे वह घायल हो गए। दोनों को पुलिस ने दबोच लिया। वहीं, उनके दो साथी गगन उर्फ कारें और आकाश उर्फ अल्लू अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। सहायक पुलिस आयुक्त छत्ता पियूषकांत राय ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश में टीमें सक्रिय हैं। पकड़े गए दोनों आरोपियों से घटना से जुड़ी और जानकारियां जुटाई जा रही हैं। गगन उर्फ कारें चार वर्षीय जय वर्मा का चाचा है। मुठभेड़ के दौरान इंस्पेक्टर देवेंद्र दुबे भी मौजूद रहे।











