आगरा। न्यू आगरा थाना क्षेत्र के दयालबाग चौकी प्रभारी जागेश्वर सिंह ने एक युवक को चौकी में अवैध हिरासत में रखकर उसे 10 हजार रिश्वत लेकर छोड़ दिया। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पोनिया ने मामले में डीसीपी सिटी से नाराजगी व्यक्त की। इसके बाद दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया है। आखिर रिश्वत लिए जाने पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज क्यों नहीं हुआ। इस बात को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। कुछ दिन पहले अवधपुरी चौकी पर भी दरोगा ने एक युवक को अवैध हिरासत में रखकर पैसा लेकर छोड़ दिया था। जिलाध्यक्ष की शिकायत के बाद उसे भी लाइन हाजिर कर दिया गया था। उससे पहले उनके ही कंप्यूटर ऑपरेटर से एकता चौकी पर एक दरोगा ने पैसे ले लिए थे उसे भी लाइन हाजिर किया गया, लेकिन मुकदमा किसी के खिलाफ दर्ज नहीं हुआ।
दयालबाग चौकी पर तैनात चौकी प्रभारी जागेश्वर सिंह ने एक युवक को चौकी में बंद करके उसे छोड़ने के नाम पर दस हजार रुपये मांगे। एक कार्यकर्ता ने भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पोनिया से इस बात की शिकायत की। जिलाध्यक्ष प्रशांत पोनिया ने डीसीपी सिटी से फोन कर कहा कि आपका दरोगा पैसे मांग रहा है। मैंने भी यह चेक करने के लिए पैसे देने के लिए कह दिया है कि वह छोड़ेगा या नहीं। दस हजार रुपये देते ही चौकी प्रभारी जागेश्वर सिंह ने युवक को छोड़ दिया। इसके बाद जिलाध्यक्ष ने डीसीपी सिटी से कहा कि आखिर जिले में यह क्या हो रहा है। डीसीपी सिटी अली अब्बास ने चौकी प्रभारी की कड़ी फटकार लगाई और कहा कि अगर पैसे वापस नहीं किए तो जेल भेज दिया जाएगा। थोड़ी देर बाद चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया। जागेश्वर सिंह इससे पहले बिंदु कटरा चौकी पर थे। वहां भी विवादों में रहे। जिलाध्यक्ष प्रशांत पोनिया ने बताया कि कुछ दिनों पहले अवधपुरी चौकी पर तैनात दरोगा ने भी एक युवक को जबरन चौकी पर बैठाकर उससे पैसे लिए थे। उनकी शिकायत के बाद उसे लाइन हाजिर किया गया। जिलाध्यक्ष का कहना है कि भ्रष्टाचार करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। इधर चंद साल की नौकरी में ही कई बार लाइन हाजिर हो चुके एक दरोगा को चौकी मिलने का मामला सुर्खियों में छाया हुआ है।











