आगरा। किरावली में राजू शर्मा को थर्ड डिग्री देने का मामला अभी शांत नहीं हुआ है कि इंस्पेक्टर एत्मादपुर के खिलाफ 85 वर्षीय बुजुर्ग ने थप्पड़ मारने और अभद्रता की शिकायत की है। बुजुर्ग का कहना है कि थाने में बेइज्जती से वह आहत हैं। समाधान दिवस में इंस्पेक्टर की शिकायत की थी। इंस्पेक्टर ने बौखलाकर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। वह गलत थे तो पहले दिन ही मुकदमा क्यों नहीं लिखा था।
गांव सुरहार, एत्मादपुर निवासी नरेंद्र पाल सिंह लड़खड़ाते कदमों से शुक्रवार को डीसीपी पश्चिम अतुल शर्मा के पास आए थे। उन्होंने डीसीपी को बताया कि बेटे वीरेंद्र सिंह की दो शादियां हुई हैं। पहली पत्नी पुरानी तहसील मार्ग पर रहती है। मकान उनके नाम है। मकान के बराबर में ही दुकान है। पहले भतीजा दुकान चलाता था। उन्होंने उससे खाली करा ली। 18 दिसंबर को दुकान की मरम्मत कराने गए थे। एत्मादपुर थाना पुलिस आई और उन्हें खींचकर थाने ले गई। उन्होंने थाने में कोर्ट के कागज दिखाए। थाना प्रभारी आलोक कुमार सिंह ने उन्हें थप्पड़ मारा। कागज फेंक दिए। 20 दिसंबर को संपूर्ण समाधान दिवस में उन्होंने शिकायत की। इंस्पेक्टर पर अभद्रता का आरोप लगाया। उनकी शिकायत पर इंस्पेक्टर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। 23 दिसंबर को उनके खिलाफ एत्मादपुर थाने में एक मुकदमा लिख लिया गया। मुकदमा किरन सोलंकी की तहरीर पर लिखा गया है। किरन ने आरोप लगाया है कि ससुर, पति और चचिया ससुर उसे जबरन मकान से निकालना चाहते हैं। उसके साथ मारपीट करते हैं।
बुजुर्ग ने उठाए सवाल
-इंस्पेक्टर को 85 वर्षीय बुजुर्ग को पीटने का अधिकार किसने दिया। थाने में वयोवृद्ध के साथ अपमानजनक व्यवहार का जिम्मेदार कौन है।
-उन्हें पांच घंटे किस अपराध में थाने पर बैठाया गया। अपराध किया तो उसी दिन मुकदमा क्यों नहीं लिखा।
-इससे पहले उनके बेटे को पकड़ा गया था। बेटा घूस देकर थाने से छूटा था।
-विवाद मकान का नहीं है। बहू दुकान का किराया खुद लेना चाहती है। जबकि दुकान उनके नाम है, बेटे के नाम नहीं है।











