अभिनेत्री कंगना रनौत से जुड़े मामले में शुक्रवार को भी बहस नहीं हो सकी। विपक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता की अनुपस्थिति का हवाला देते हुए समय मांगा गया, जिस पर वादी पक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने मामले की सुनवाई के लिए 16 मार्च 2026 की तिथि नियत करते हुए विपक्षी अधिवक्ता को अगली तारीख पर अनिवार्य रूप से बहस के लिए उपस्थित होने का आदेश दिया।
शुक्रवार को सुनवाई के दौरान कंगना रनौत की ओर से सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अनसूया चौधरी की तरफ से स्थानीय अधिवक्ता विवेक शर्मा ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। प्रार्थना पत्र में कहा गया कि अधिवक्ता अनसूया चौधरी किसी विशेष कार्य में व्यस्त होने के कारण आज न्यायालय में बहस के लिए उपस्थित नहीं हो सकीं। इसलिए मामले की सुनवाई के लिए कोई अन्य तिथि प्रदान की जाए। साथ ही यह भी आश्वासन दिया गया कि अगली तिथि पर अधिवक्ता स्वयं उपस्थित होकर बहस करेंगी। विपक्षी अधिवक्ता के प्रार्थना पत्र का वादी पक्ष की ओर से कड़ा विरोध किया गया। वादी के वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने लिखित आपत्ति दाखिल करते हुए कहा कि विपक्षी पक्ष बार-बार बहस से बचने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने इसे न्यायालय के आदेशों की अवहेलना बताते हुए कहा कि यह केवल मामले को लंबित करने की रणनीति है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने मामले की सुनवाई के लिए 16 मार्च 2026 की तिथि निर्धारित कर दी। साथ ही विपक्षी पक्ष के अधिवक्ता को निर्देश दिया गया कि अगली तिथि पर अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर बहस करें। सुनवाई के दौरान वादी पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुखबीर सिंह चौहान, दुर्ग विजय सिंह, भैया सिंह, राजवीर सिंह, बी.एस. फौजदार, प्रेम कुमार, प्रीति तथा कोमल सिंह वर्मा सहित कई अधिवक्ता न्यायालय में मौजूद रहे।











