आगरा। शहर में राष्ट्रीय राजमार्ग पर रोजाना लगने वाले जाम से परेशान हजारों यात्रियों और वाहन चालकों के लिए थोड़ा राहत देने वाली खबर है। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने एक जून से हाथरस-अलीगढ़ रूट की सभी रोडवेज बसों का संचालन आईएसबीटी के बजाय फाउंड्री नगर सैटेलाइट बस स्टेशन (टेढ़ी बगिया) से करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इस रूट की कोई भी बस आईएसबीटी से संचालित नहीं होगी।
कल से हाथरस और अलीगढ़ जाने वाले यात्रियों को अब आईएसबीटी नहीं बल्कि फाउंड्री नगर सैटेलाइट बस स्टेशन, टेढ़ी बगिया पहुंचना होगा। परिवहन निगम ने इस रूट की सभी बसों को वहीं से संचालित करने का निर्णय लिया है। ऐसे में जो यात्री पुरानी व्यवस्था के अनुसार आईएसबीटी पहुंचेंगे, उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।हाथरस-अलीगढ़ रूट की बसें आईएसबीटी से निकलने के बाद ट्रांसपोर्ट नगर, लॉयर्स कॉलोनी, भगवान टॉकीज फ्लाईओवर, अबूलाला दरगाह और वाटर वर्क्स चौराहे तक जगह-जगह रुककर सवारियां चढ़ाने और उतारने का काम करती थीं। स्थिति यह थी कि कई बार राष्ट्रीय राजमार्ग की तीन लेन में से दो लेन तक रोडवेज बसों के कब्जे में दिखाई देती थीं। नतीजा यह होता था कि तीन लेन का पूरा ट्रैफिक केवल एक लेन से गुजरता था और कुछ ही मिनटों में कई किलोमीटर लंबा जाम लग जाता था। कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों, एंबुलेंस और आम यात्रियों को रोजाना इसका खामियाजा भुगतना पड़ता था। राष्ट्रीय राजमार्ग पर रोडवेज बसों की अव्यवस्थित पार्किंग और अनधिकृत स्टॉपेज का मुद्दा कई प्रशासनिक बैठकों में उठाया गया। अधिकारियों ने चिंता जताई, ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए, लेकिन धरातल पर हालात नहीं बदले। सबसे हैरानी की बात यह रही कि ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी में भी बसें हाईवे को अस्थायी बस स्टेशन की तरह इस्तेमाल करती रहीं। सड़क के बीचोंबीच बसें खड़ी कर सवारियां भरने और उतारने का सिलसिला जारी रहा, लेकिन कार्रवाई न के बराबर दिखाई दी। इससे प्रशासन की सख्ती और व्यवस्था लागू कराने की क्षमता पर भी सवाल उठते रहे।











