आगरा। मंगलवार को एक महिला परिचालक ने ट्रांस यमुना थाने की टेढ़ी बगिया पुलिस चौकी पर चौकी के अंदर बंद करके मारपीट के आरोप लगाए हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि पुलिस ने आरोपों को खारिज किया है।
खंदौली थाना क्षेत्र के सेमरा गांव निवासी उपासना फाउंड्री नगर डिपो में परिचालक के पद पर कार्यरत हैं। उपासना का कहना है कि वह सुबह अपनी ड्यूटी पर थीं और मेरठ रूट पर बस संचालन के लिए तैयार खड़ी थीं। इसी दौरान दूसरे डिपो के चालक और परिचालक से सवारी बैठाने को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि दूसरे पक्ष के चालक ने डंडों से हमला कर दिया, जिससे स्थिति बिगड़ गई। महिला परिचालक का दावा है कि पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय उनके चालक साथी को सार्वजनिक रूप से पीटते हुए चौकी ले गई। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में उन्हें भी चौकी बुलाया गया, जहां कुछ पुलिसकर्मियों ने उन्हें बूथ के अंदर बंद कर थप्पड़ों से पीटा। घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। महिला परिचालक लोगों के सामने रोती हुई दिखाई दीं और अपने शरीर पर चोट के निशान दिखाते हुए न्याय की मांग करती रहीं।
इस दौरान मौजूद कुछ लोगों ने पुलिस पर मोबाइल फोन छीनने का आरोप भी लगाया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों द्वारा बनाए गए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें महिला परिचालक पुलिस पर आरोप लगाती नजर आ रही हैं। वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है और पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मामले में एसीपी छत्ता श्वेता वर्मा ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सवारी बैठाने को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के चालकों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की गई है। पुलिस द्वारा किसी महिला या अन्य व्यक्ति के साथ मारपीट किए जाने के आरोप सही नहीं हैं। इधर वीडियो वायरल होने और महिला परिचालक द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, वहीं यदि आरोप गलत हैं तो सच्चाई भी सामने आनी चाहिए।











